Tips Make Future Hindi-Bhavishya Kaise Banaye 2021

Tips Make Future Hindi-Bhavishya Kaise Banaye

Tips Make Future Hindi-Bhavishya Kaise Banaye इस पोस्ट मैं आपका बहुत स्वागत है। आज के भाग दौड़ भरे जीवन मैं हर कोई चिंतित है के Bhavishya Kaise Banaye (Tips Make Future Hind) और ये चिंता स्वाभाविक भी है। जो व्यक्ति अपने भविष्य की चिंता नहीं करता उसका वर्तमान भी बिगड़ जाता है। आज हम कुछ ऐसी बातें करेंगे जिससे आपका भविष्य (Tips Make Future Hindi-Bhavishya Kaise Banaye) भी सुधरेगा और आचरण भी तो चलिए शुरू करते हैं।

Tips Make Future Hindi

Tips Make Future Hindi-Bhavishya Kaise Banaye

Bhavishya Kaise Banaye ये चिंता सभी को होती है इसमें उम्र का कोई भी अस्तित्व नहीं होता है। आज के दौर मैं कुछ बच्चे भी अपने भविष्य के लिए चिंता करते और प्रयास करते हुए पाए जाते हैं। जबकि अपनी ही फिल्म इंडस्ट्री मैं हम कुछ पुराने हीरोज को भविष्य की चिंता करते देखते है।

बच्चों के उज्वल भविष्य के लिए उनके माँ बाप चिंतित रहते हैं। और हर संभव प्रयास करते है के उनके बच्चों का भविष्य बन जाए। अतः कहा जा सकता है हर कोई अपने भविष्य की चिंता करते हुए नज़र आता है। पर सवाल ये उठता है क्या हर कोई अपने भविष्य के सपने साकार कर पाता है?

जवाब आएगा नहीं हर कोई अपने भविष्य को सवार नहीं पाता। आप खुद भी कुछ ऐसे लोगों को जानते होंगे जिन्होंने अपने भविष्य के लिए चिंता भी की और प्रयास भी किया किन्तु वो सफल नहीं हो सके। कभी कभी आपको भी लगता होगा ये तो बस किस्मत का खेल है।

किन्तु ऐसा बिलकुल भी नहीं है। किसी हद तक माना जा सकता है के किस्मत भी साथ देती है किन्तु प्रयास भी बहुत बड़ी चीज़ होती है। कोई व्यक्ति सिर्फ अपनी किस्मत से सफल नहीं हो सकता। उसके लिए सही दिशा मैं प्रयास करने होते है। और उनके लिए लगातार कोशिश भी करनी पड़ती है।

असफलता हमें तब मिलती है जब हम सही दिशा मैं पूरी ईमानदारी से प्रयास नहीं करते। चलिए मान लेते है मोहन और रामु दो दोस्त है। और ये दोनों ही मेडिकल की तैयारी करते हैं। दोनों ही होशियार भी है। और दोनों है दिन मैं 14 घंटे पढ़ाई करते है ताकि उनका भविष्य बन जाए। लेकिन दोनों के सोचने और काम करने मैं बड़ा फर्क है।

मोहन हर चीज़ को पूरी तरह से समझता और सीखता है। और इसमें उसे बड़ा मज़ा आता है। जिसकी वजह से वो कभी अपना पड़ा हुआ भूलता नहीं है। वो सिर्फ मेडिकल की वही ज़रूरी किताबें ही नहीं पड़ता जो उसके कम्पटीशन के लिए ज़रूरी है वल्कि वो अधिक जानकारी के लिए इससे भी आगे चला जाता है। और इंटरनेट पर अधिक जानकारी हासिल करता हैं।

दूसरी तरफ रामु ऐसा नहीं सोचता वो सिर्फ अपने कम्पटीशन से सम्बंधित किताबे पड़ता है और बिना समझे ही रट लिया करता है। और कहता है एग्जाम मैं सारे सवाल इसी से आएंगे और मेने तो इन्हे रट लिया है। अब मैं पास हो जाऊंगा और अपना भविष्य भी बना लूंगा।

मान लेते है दोनों ही एग्जाम मैं पास भी हो जाते है। तो सवाल ये उठता है इनमेसे एक अच्छा डॉक्टर कौन बनेगा। अब आप आसानी से बता सकते हो के रामु के मुकाबले मैं मोहन का भविष्य अधिक अच्छा होगा।

अब आप समझ गए हो अपना भविष्य बेहतर बनाने के लिए आज हमें अपनी सोच और अपने काम को करने का तरीका बदलना होगा।

Future (Bhavishya)

“The future is the period of time that will come after the present, or the things that will happen then.”

“भविष्य समय की वह अवधि है जो वर्तमान के बाद आएगी, या जो चीजें उस समय घटित होंगी।”

जैसा के मैंने पहले बताया हमारे वर्तमान की स्तिथि ही हमारा भविष्य को सुनिश्चित करती है। हम वर्तमान मैं जिस स्तिथि मैं होते है और आगे बढ़ते है और अगले प्रयास को देखते समझते और करते है। यही हमारा भविष्य सुनिश्चित कतरे है यही भविष्य की परिभाषा होती है।

वर्तमान स्तिथि को सुधारे।

जब आप अपने भविष्य की चिंता करते हुए प्रयास कर रहे होते है तो इसका मतलब है के आप खुद को दुनिया के सामने साबित करना चाहते है के आपमें भी कुछ है जिसकी पहचान होनी चाहिए। इसमें पूरी तरह सफल होने के लिए सबसे अधिक ज़रूरी है के आप अपनी वर्तमान स्तिथि को पूरी तरह से समझ लो।

आपकी वर्तमान स्तिथि ही भविष्य मैं सफल या सफल होने के लिए ज़िम्मेदार होगी। यदि वर्तमान मैं आप स्वतंत्र है और आपको किसी तरह की कोई भी समस्या नहीं है, आप खुले विचारों के है। तो आप अपना भबिष्य बहुत अच्छा बना सकते हैं। और कोई भी आपको रोक नहीं सकता।

इसके विपरीत यदि आपके वर्तमान मैं कोई समस्या या कठिनाई है, पारिवारिक या सामाजिक बंधन है, आप अपने विचारों को खुल कर लोगों के सामने रख नहीं पाते तो ऐसी स्तिथि मैं आप निराशा महसूस करते हैं। ये वर्तमान स्तिथि का बुरा दौर है। यदि आप अपना भविष्य बनाना चाहते हो तो आपको अपनी वर्तमान स्तिथि सही करने की आवशयकता है।

वर्तमान स्तिथि को कैसे सुधारें।

अगर आप भी वर्तमान मैं किसी समस्या से लिप्त है तो भविष्य की चिंता से पहले वर्तमान को सही करने की आवश्यकता है। सबसे पहले आपको अपने आप पर काम करने की आवशयकता है। अपने विचारों को लोगों के सामने विवाक्त करना सीखना होगा। अपनी हिचकिचाहट को दूर करना होगा।

  • समाज मैं अपना भी दर्जा बनाने की आवशयकता है।
  • फालतू के कामों मैं अपना समय बर्बाद न करें।
  • हाथ मैं लिए काम को शालीनता से पूरा करें और हर काम से कुछ नया सीखने की कोशिश करते रहीं और हार न माने।
  • समाज के अच्छे व्यक्तियों मैं अपनी पहचान बनाएं और उनके एक्सपीरियंस से सीखे वा अपने विचार भी रखें।
  • बेहतर भविष्य बनाने के लिए ये ज़रूरी है के आपका व्यव्हार बहुत अच्छा हो अतः अपने आचरण पर भी काम करने की आवश्यकता है।
  • अपनी स्थानीय भाषा की पूरी जानकारी रखें। कोशिश करें जब आप बोलें तो लोग आपको सुने।

अपना लक्छ्य बनाए।

यदि आपने अपना वर्तमान सही कर लिया है या उसपर अभी काम कर रहे हो तो ये बहुत अच्छा है आप आपको अपना लक्छ्य निर्धारित करने की आवश्यकता हैं।

आप भविष्य मैं क्या करना चाहते हो। हर किसी का अपना अलग लक्छ्य होता है कुछ लोग महान साइंटिस्ट, डॉक्टर, इंगिनियर, बड़ी कंपनी मैं सर्विस या अपना करोबार करना कहते है। आपकी फ्यूचर प्लानिंग क्या है निर्धारित करें?

अब आपने समझ लिया है आपको क्या करना है। अब आपको उससे सम्बंधित डाटा को कलेक्ट करने की आवश्यकता है। डाटा से मेरा मतलब है आपने जो लक्छ्य बनाया है उसमे सफल और असफल दोनों ही तरह के व्यक्तियों से सम्बन्ध्ति जानकारी आपको इकट्ठी करनी है और उसका अध्यन करना है।

उस अध्यन से अब आपको सीखना है के असफल होने वाले व्यक्तियों ने क्या गलतियां की हैं? जिन्हें आपको बिलकुल भी नहीं दोहराना है। जो व्यक्ति दूसरों की गलती से भी सीख सकता है उसे अपने लक्छ्य पर पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता।

दूसरी तरफ उन व्यक्तिओं का भी डाटा इकठ्ठा करना है जो सफल हुए है और उन्होंने ये सफलता कैसे हासिल की है कितनी चिनोतियों का सामना किया है, कितना परिश्रम किया है?

ये सारी चीज़ें इकट्ठी करने के बाद अब याद रखना होगा जितना परिश्रम उन्होंने किया है या जो कठिनाइयों का उन्होंने सामना किया है उससे अधिक करने के लिए खुद को तैयार करना होगा। याद रखिये एक जनरेशन गुज़र चुकी है अब कम्पटीशन अधिक है। जो आप कर रहे है वो कोई और भी कर रहा है आपको उससे बेहतर होना होगा।

समय के अनुसार चलें।

समय के अनुसार चलना चाहिए। इससे मेरा मतलब ये है के आप अपनी उम्र (age) के अनुसार आचरण, कार्य व क्रिया करें। और समय को पूरा प्रयोग करें उसे व्यर्थ ही बर्बाद न करें। याद रखे किसी भी कार्य को समय पर न करने से वो लगातार बढ़ता ही रहता है और एक दिन ये सारा कार्य हम पर सवार हो जाया है और हम हार (असफल) जाते हैं।

इसके लिए सबसे महत्पूर्ण बात ये है के हम अपना कार्य अपनी उम्र के अनुसार समय पर करते रहें और इस आदत को अपनी दिनचर्या मै शामिल करें।

उम्र के हिसाब से अपना कार्य से मेरा मतलब है जब आप 20 वर्ष के होते है तो आप अपनी बेसिक शिक्षा पूरी कर चुके होते है। और यदि आप समय पर अपनी शिक्षा का कार्य करते रहे है तो आपको बेसिक के सारे नियम पता है। अतः अब आपको किसी भी कम्पटीशन की तैयारी के लिए अधिक समय बर्बाद नहीं करना होगा। क्यों की आपने समय पर अपना कार्य किया है।

इसके बाद या तो आप किसी विश्वबिद्यालय में प्रवेश करते है या किसी कम्पटीशन के तैयारी करते हैं। और तीन से पांच साल लगते हैं। अगर आपने ऊपर बताए गए Tips Make Future Hindi को समझ कर सही दिशा मै काम किया है तो अब आप अपने लक्छ्य को पाने के लिए तैयार हो चुके हो।

अब आप अपनी सफलता का स्वाद चखिए और समाज के लिए प्रेरणा बने रहिए।

Tips Make Future Hindi ये पोस्ट आपको कैसा लगा कमेंट्स सेक्शन मै अपनी राय बताना बिलकुल भी ला भूलें। धन्यवाद

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