Sheikh Chilli ki Kahani-शेखचिल्ली की स्टोरी 2021

    Sheikh Chilli ki Kahani

    Sheikh Chilli ki Kahani-शेखचिल्ली की स्टोरी

    Sheikh Chilli ki Kahani-शेखचिल्ली की स्टोरी भारत और पकिस्तान मे बहुत फेमस हैं। जब भी कभी कोई अजीब काम करता है तो उसे कहा जाता है पूरा शाख चिल्ली है क्या?

    Sheikh Chilli ki Kahani

    Introduction Sheikh Chilli ki Kahani

    ये तो सभी ने सुना होगा और ख्याल भी आता होगा कौन था ये शेख चिल्ली? और इसी से किसी के कामो की तुलना क्यों की जाती है?

    जब हम मालूम करना चाहते है के शेख चिल्ली कौन था? तो यूट्यूब पर शेख चिल्ली के अजीब अजीब कामो के कुछ विडिओ आ जाते हैं। और हमें लगता है ये कोई काल्पनिक पात्र है जो हास्य का प्रतीक है।

    पर आपको बता दें Sheikh Chilli ki Kahani या खुद शेख चिल्ली कोई काल्पनिक पात्र नहीं हैं। बल्कि हमारे इतिहास का हिस्सा हैं। हाँ इनकी कुछ कहानियां बढ़ा चढ़ा कर बताई गई हैं। जो हास्य प्रदान करती हैं।

    Life ko Successful Kaise Banaye in Hindi

    शेख चिल्ली कौन थे?

    जब हम Sheikh Chilli ki Kahani पड़ते सुनते या यूट्यूब पर देखते हैं तो पहला ख्याल आता हैं आखिर ये शेख चिल्ली कौन थे? क्या ये कोई असली पात्र हैं या कोई कल्पना हैं।

    ऐसा कहा जाता हैं के शेख चिल्ली का जन्म मौजूदा पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रान्त के खानाबदोश कबीले मे हुआ था। लगातार घुमक्कड़ (खानाबदोश) जीवन जीने के कारन वो कभी पड़ ना सके।

    शेख चिल्ली कोई इनका असली नाम नहीं था कहा जाता हैं इनका नाम सूफी अब्दुर-रजाक था और इनकी जात शेख थी।

    चील्ली इनका लक़ब पड़ गया था। कहा जाता हैं के ये बचपन से ही चमत्कार सीखने के दीवाने थे और इसी लिए पीर फकीर के पास पड़े रहते थे ताकि कुछ चमत्कारी विद्या सीखी जा सके।

    कुछ विद्या सीखने के बाद इन्होने चमत्कार करने के उद्देश्य से चालीस दिन का एक चिल्ला किया था। और मंतरों का उच्चारण किया था। कुछ चमत्कार तो हुआ नहीं उल्टा इनका नाम चिल्ली पड़ गया।

    और इस तरह ये शेख चिल्ली कहे जाने लगे।

    मुग़ल बादशाह शाहजहां के काल मे ये कुरुक्षेत्र में हरियाणा के थानेसर मे आ गए और इनका मज़ार आज भी वहीँ बना हुआ हैं।

    शेख चिल्ली एक बहुत ही सादा और सरल इंसान थे जो किसी काम को सही से कर नहीं पाते थे और अपने दोस्तों और समाज मे बेबकूफ कहे जाते थे और हंसी के पात्र बनते थे।

    उनके द्वारा किए गए बेबकूफी भरे कार्यों को कहानियों मैं बढ़ा चढ़ा कर प्रस्तुत किया जाता हैं जो हमें हँसाने का कार्य करतीं हैं।

    Sheikh Chilli ki Kahani-शेखचिल्ली की स्टोरी

    शेख चिल्ली के बारे मैं जानने के बाद चलिए कुछ Sheikh Chilli ki Kahani का मज़ा भी लिए जाए।

    शैख़ चिल्ली और चार चोर।

    एक बार शेख चिल्ली से किसी ने कहा “तुम कुछ करते नहीं हो कुछ काम ही कर लिया करो। निठल्ले घूमने से जीवन बर्बाद होता हैं।”

    शैख़ चिल्ली ने कहा “क्या करूँ मेरे पास तो करने को कुछ भी नहीं हैं।”

    उसने कहा “तुम मेरा एक खेत ले लो और चने की खेती करो, खेत जोतो चने डालो और दिन रात उसकी रखवाली करो।”

    शेख चिल्ली बड़े खुश हुए उसका खेत लिआ जोता और भुने हुए चने ला कर खेत मैं डाल दिए और एक पेड़ पर बैठ कर अपना खेत रखाने लगे।

    उसी रात चार चोर उनके खेत से हो कर गुज़रे तो उन्हें देख वो पेड़ से उतर आए और पूछने लगे “आप लोग कौन हो?”

    चोरों ने समझा जिस तरह ये पेड़ से उतरा हैं शायद ये भी कोई चोर ही हैं। तो उन्होंने कहा “हम भी तुम्हारी तरह चोर ही हैं और चोरी करने जा रहे हैं।”

    शेख चिल्ली ने कहा “मैं कोई चोर नहीं हूँ। ये मेरा खेत हैं आज ही इसे जोता हैं और भुने हुए चने डाले हैं। अपना खेत रखा रहा हूँ जब ये खेत हरा भरा हो जाएगा तो फसल काट कर उसे बेच दूंगा और खूब धनवान बन जाऊंगा”।

    चोर उसकी बात सुन कर समझ गए ये कोई बेबकूफ इंसान हैं। भुने हुए चने से फसल नहीं होती। उनमे से एक ने कहा “फसल तो बहुत दिनों मैं खड़ी होगी तब तक तुम क्या करोगे? अच्छा तुम अपना खेत रखो हम चलते हैं।”

    शेख चिल्ली सोच मैं पड़ गए बात तो सही हैं मैं इतने दिनों तक क्या करूँगा? कुछ सोचने के बाद उन्होंने चोरों को आवाज़ दी और कहा “मैं भी तुम्हारे साथ चोरी करने चलता हूँ।”

    चोरों ने सोचा ये बेबकूफ आदमी हमें फसवा देगा उन्होंने मना कर दिया। तो शेख चिल्ली ने धमकी दी “अगर नहीं ले गए तो मैं सभी को बता दूंगा के तुम चोर हो और पकडे जाओगे तो साथ ले चलो।”

    सभी उसकी धमकी से डर गए और साथ ले लिया। एक गाऊँ मैं पहुंचे तो एक घर चोरी के लिए चुन लिया जिसमे केवल एक बूढ़ी औरत रहती थी।

    दीवार को लाँघ कर चरों चोर घर मैं घुस गए तो शेख चिल्ली भी वैसे ही घुस गए। चोरों ने उसे समझाया के बिलकुल भी शोर ना करे और ख़ामोशी से अपने लिए कुछ अच्छा सामान चुरा ले।

    चरों चोर कीमती चीज़ें ढूंढ़ने लगे कोई कमरे मैं गया कोई कही और सभी अपने अपने काम मैं व्यस्त हो गए।

    शेख चिल्ली किचन मैं घुस गए और बर्तन खोल खोल कर देखने लगे एक बर्तन मैं उन्हें दूध मिला एक मैं चीनी और एक मैं थोड़े चावल।

    उन्होंने सोचा खीर बनाने का सारा सामान मौजूद हैं और बहुत दिनों से खीर नहीं बनाई मन भी खीर खाने का कर रहा हैं चलो खीर बनाते हैं और अपने साथिओं को भी खिलाएंगे तो वो भी खुश हो जाएंगे और रोज़ मुझे चोरी के लिए ले जाया करेंगे।

    उन्होंने खीर बनाना शुरू कर दिया। कुछ देर बार चरों चोर आ गए और कहने लगे “हमने सारा कीमती सामान चुरा लिया हैं चलो अब चलते हैं।”

    “चुपचाप यहाँ बैठ जाओ खीर बन रही हैं खा कर चलेंगे।” शेख चिल्ली ने कहा।

    “तुम यहाँ चोरी करने आए हो या खीर बनाने, अगर किसी ने देख लिया तो हम सब पकड़े जाएंगें जल्दी से चलो यहाँ से वरना हम तुम्हें छोड़ कर ही चले जाएंगे।” चोरों ने कहा

    “मैंने कहा चुपचाप यहीं बैठ जाओ अगर जाने की बात की तो शोर मचा दूंगा खीर खा कर ही चलेंगे” शेख चिल्ली ने फिर कहा तो सारे चोर डर कर बैठ गए।

    कुछ देर बाद खीर बन कर तैयार हो गई शेख चिल्ली ने सभी के लिए खीर निकाल ली और कहा खूब मज़े से खाओ। सभी खीर खाने लगे खीर बड़े मज़े की बानी थी।

    शेख चिल्ली ने कहा “किचन मैं बहुत गर्मी हैं और खीर भी गरम हैं चलो बहार हवा मैं चलते हैं वहां खीर खाएंगे।”

    एक चोर ने कहा “वहां बुढ़िया सो रही हैं जाग जाएगी यही खा लो खीर”

    शेख चिल्ली ने फिर शोर मचाने की धमकी दे डाली तो सभी चोर बहार आ गए और खीर खाने लगे।

    तबही बुढ़िया ने करवट ली और उसका एक हाथ शेख चिल्ली के करीब आ गया। शेख चिल्ली ने कहा “लगता है इसे भी पता चल गया खीर बहुत बढ़िया बानी है मांग रही है खाने को” इतना कह कर उसने थोड़ी खीर बुढ़िया के हाथ मै रख दी।

    खीर अभी भी बहुत गरम थी तो वो चिल्लाते हुए जाग गई। चरों चोर घर के चरों कोने मै छिप गए और शेख चिल्ली उप्पर बनी पत्थर की एक ताड़ पर छिप कर बैठ गया।

    बुढ़िया के चिल्लाने से पड़ोस के सारे लोग इकठ्ठा हो गए और उससे पूछने लगे “क्या हुआ माँ जी?”

    “उप्पर वाला जाने” बुढ़िया ने जवाब दिया।

    “हाथ मैं खीर कहाँ से आई?” लोगों का सवाल

    “उप्पर वाला जाने” बुढ़िया

    “कहीं घर मैं चोर तो नहीं आ गए” सवाल

    “उप्पर वाला जाने” बुढ़िया

    बुढिया हर सवाल पर यही कहती। “उप्पर वाला जाने”

    और उप्पर तो शेख चिल्ली मचान पर बैठे थे। तुरंत उतर कर आए और कहा “हर सवाल पर एक ही जवाब दे रही हैं।” “उप्पर वाला जाने” “सारे इलज़ाम मुझपर ही लगा दे चरों कोने मैं ये चार चोर छिपे हैं ये कुछ ना जाने सब कुछ मैं ही जानू।”

    और इस तरह शेख चिल्ली की बेबकूफी से चारो चोर भी पकड़े गए और सभी मैं खूब मार पड़ी।

    निष्कर्ष

    Sheikh Chilli ki Kahani कुछ इस तरह होतीं हैं जो हमें बहुत हंसतीं हैं अगर मेरी ये कहानी Sheikh Chilli ki Kahani आपको पसंद आई हैं तो कमेंट करके ज़रूर बताना मैं और भी कहानिया ले कर आता रहूँगा। धन्यबाद

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