Sad Love Stories Hindi-Heart Touching Love Story Hindi 2021

Sad Love Stories Hindi-Heart Touching Love Story

Sad Love Stories Hindi-Heart Touching Love Story

Sad Love Stories Hindi-Heart Touching Love Story

आज राहुल बहुत खुश था। आज वही दिन था जिसका उसे हमेशा से इंतज़ार था। क्यूंकि आज उसके स्नातक का रिजल्ट आने वाला था। और उसे बिश्वास था के वो फस्ट ज़रूर आएगा। कुछ ही समय में उसका रिजल्ट आ गया और उसने ऑनलाइन कैफ़े से चैक कराया तो पता चला वो 92% से फस्ट आया है।

वो बहुत ही ख़ुशी के साथ भागता हुआ अपने घर पहुंच। घर क्या मिटटी की चार दीवार जिस पर पन्नी और घांस पड़ी हुई थी। जिस पर दरवाज़ा भी नहीं था। माँ विधवा थी लोगो का काम करती और घर का खर्च चलाती। माँ ने अपना पेट काट कर अपने बेटे को पढ़ाया था।

माँ उसे कोई भी काम नहीं करने देती थी हमेशा राहुल ज़िद करता के वो भी कुछ करेगा तो घर आसानी से चल जाएगा। किन्तु माँ इंकार कर देती और कहती “बेटा तेरे बाप का सपना था के उसका बेटा खूब पड़े और मरते हुए तेरे बाप से मेने वादा किया था के तुझे खूब पढ़ाऊंगी। जब तेरी पढ़ाई पूरी हो जाए तो काम शुरू करना।

आज राहुल इसलिए खुश था क्यों की उसकी पढ़ाई पूरी हो चुकी थी। अब वो भी काम करके पैसे कमा सकता था। अब उसकी माँ को किसी के लिए काम करने की ज़रूरत नहीं थी।

“माँ देख मेरा रिजल्ट आ गया माँ मेने 92% से पास किया है माँ अब तो तू मुझे नहीं रोकेगी माँ अब मै काम करूँगा और तू घर बैठेगी अब तुझे कही काम करने की ज़रूरत नहीं है माँ।” राहुल ने बहुत ही भावुक हो कर कहा।

माँ ने अपने लाल को अपने सीने से लगा लिया और दोनों काफी देर तक रोते रहे।

“माँ अब जैसे ही मेरी मार्कशीट आ जाएगी मै भी बड़े शहर चला जाऊंगा। अपने गाऊँ का सतीश एक बड़ी फैक्टरी मै काम करता है मै भी उसके साथ काम पर लग जाऊंगा।” राहुल ने कहा तो माँ ने इजाज़त दे दी।

राहुल बेसब्री से अपनी मार्कशीट का इंतज़ार करने लगा। और जल्द ही वो दिन आ गया जब राहुल को बड़े शहर निकलना था। माँ ने कुछ खाना और पैसे दिए जो उसके सफर में काम आने के बाद कुछ दिन के खर्चे के लिए काफी थे। माँ का दिल बड़ा ही दुखी था। आज उसका लाल उससे जुड़ा हो रहा था। बस मै बैठ राहुल चला गया और माँ बहुत देर तक सुनी सड़क को ही देखती रही।

बड़े शहर पहुंच कर राहुल बस से उतरा तो चारो तरफ देखने लगा हर तरफ भाड़ दौड़ थी। चारो तरफ चका चोंध जो उसने पहले कभी नहीं देखि थी। राहुल बहुत उत्साहित था। अब उसे सतीश के पास जाना था जिसकी खबर उसने पहले ही सतीश को दे दी थी। सतीश ने अपने खर का पता राहुल को दे दिया था।

राहुल जैसे ही बस स्टैंड से बहार आया उसने कुछ लोगों की भीड़ देखी। सड़क के बीच कुछ लोग भीड़ लगा कर खड़े थे और लोग भाग कर उधर ही इकठ्ठा हो रहे थे। राहुल से रहा न गया उसने भी सोचा चलो देखते हैं क्या बात हुई है। राहुल भीड़ को चीरता हुआ अंदर पहुंच गया।

राहुल नज़ारा देख दंग रह गया एक लड़की का एक्सीडेंट हुआ था जिसका पैर टूट चूका था और सर मै भी बहुत चोट आई थी। जिसकी वजह से बहुत खून बाह रहा था चारो तरफ खून ही खून था और लड़की तड़प रही थी।

राहुल ये देख लोगो से बोला “भीड़ लगा कर क्या देखते हो इसे उठाओ और अस्पताल ले चलो वरना ये मर जाएगी” लोगो ने कोई जवाब नहीं दिया। राहुल ने फिर दोहराया तो भीड़ से किसी ने कहा “तुझे दया आ रही है तो तू ही ले जा अस्पताल, यहाँ तो होते ही रहते है एक्सीडेंट”

राहुल को कुछ भी समझ नहीं आया तो उसने ऑटो वालों से मदद मांगी पर किसी ने मदद नहीं की। तब राहुल ने अस्पताल का पता पूंछा लोगो ने बताया यहाँ से 3 किलोमीटर दूर है अस्पताल। राहुल उस लड़की को कंधे पर डाल अस्पताल की ओर भागने लगा।

अस्पताल पहुंच कर उसने लड़की को भर्ती कराया और उसका इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टर्स ने कहा “तुम इसे सही समय पर लाए हो वरना ये बच नहीं पाती, इसके पैर की हड्डी टूटी हुई है और सर मै भी गम्भीत चोट है। जिसका ऑपरेशन करना होगा आप 50000 रुपए जमा करा दो हम इलाज शुरू कर रहे है”

लड़की के पास कोई भी फ़ोन नंबर या पता नहीं था। जिससे उसके घर तक खबर पहुंचाई जा सके और राहुल के पास भी इतने पैसे नहीं थे। राहुल ने कहा “डॉक्टर साहब अभी मेरे पास इतने पैसे नहीं है मै 8000 रूपए जमा जार रहा हूँ आप इलाज शुरू करो मै पैसों का इंतेज़ाम करता हूँ।” राहुल के पास जो पैसे थे उसने जमा करा दिए।

राहुल तुरंत सतीश के पास पंहुचा और उसे सारा हाल बता दिया। “सतीश ने कहा राहुल तू यहाँ काम करने आया है। तेरी माँ बूढ़ी है तुझे उनकी मदद करनी है। यहाँ तो होते ही रहते है एक्सीडेंट कितने लोगो की मदद करेगा। तूने उसे अस्पताल पंहुचा दिया तेरा काम ख़तम भूल जा उसे, अपने पैसे भी दे आया अब मुझसे भी मांग रहा है इतने पैसे मेरे पास भी नहीं हैं”

राहुल को चैन नहीं आया वो सोचने लगा अगर डॉक्टर को उनके पैसे नहीं मिले तो वो भी उसका इलाज नहीं करेंगे और वो बिना इलाज के ही मर जाएगी उसके भी माँ बाप होंगे उनके ऊपर क्या बीतेगी।

राहुल तुरंत अस्पताल पहुंच गया लड़की का इलाज चल रहा था। राहुल के पहुंचते ही नर्स ने राहुल से पैसों के लिए कहा। राहुल चिंता मै पड़ गया इतने पैसे वो कहाँ से लाएगा। पैसों के लिए वो चिंता कर ही रहा था के एक आदमी उसके पास आया उसने कहा “अगर तुम्हें पैसे चाहिए तो मै दिला सकता हूँ”

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“मुझे क्या करना होगा?” राहुल ने पूछा

“तुम्हें कितने पैसे चाहिए” आदमी ने पूछा

“मुझे 50000 रूपए चाहिए कैसे मिलेंगे, मै काम करके सारे चूका दूंगा।”

“तुम्हे काम करके चुकाने की ज़रूरत नहीं है यहाँ एक बड़े धनवान का बेटा एडमिट है जिसे एक किडनी और दो बोतल खून की ज़रूरत है अगर तुम दे दो तो बदले मै मै तुम्हे 50000 रुपए दिला सकता हूँ।” आदमी ने कहा

राहुल बिना सोचे तैयार हो गया। अपनी एक किडनी और दो बोतल खून दे कर राहुल ने पैसे जमा करा दिए और दिन रात उस लड़की के साथ रहने लगा और उसके देख भाल करने लगा। लड़की भी बहुत ही खूसूरत थी मन ही मन राहुल उसे चाहने लगा था। लेकिन दुर्भाग्य ये था के वो लड़की बेहोश थी और उसे होश नहीं आ रहा था। राहुल उसका नाम भी नहीं जनता था।

एक किडनी और खून की कमी के बाद लगातार जाग कर लड़की की देखभाल करके राहुल की तबियत भी ख़राब होने लगी थी। किन्तु अपना इलाज करने के लिए उसके पास पैसा नहीं था।

एक रात राहुल लड़की के पास अस्पताल मै ही कुर्सी पर बैठा था के अचानक लड़की को होश आ गया। राहुल ने हाथ पकड़ कर उसे उठाया और उसका नाम पूछा लड़की ने बताया उसका नाम प्रिय है।

लड़की के घर वालो का नंबर लेकर राहुल ने कहा “मै तुम्हारे घर वालों को फोन करके आता हूँ ताकि वो भी आ जाए।”

राहुल बहार चला गया और और प्रिय अकेले ही रह गई। कुछ देर बाद नर्स आई और उसने प्रिय के होश आने की बधाई देते हुए कहा “बहन तुम बहुत खुश किस्मत हो जो बच गईं अगर तुम्हारे पती न होते तो तुम न बचतीं उन्होंने तुम्हारी दिन रात सेवा की है।”

“उनके पास पैसे भी नहीं थे तो उन्होंने तुम्हारी खातिर अपनी एक किडनी और दो बोतल खून दे कर तुम्हें बचाया है। ऐसा पती तो बहुत किस्मत वालों को मिलता है।”

प्रिय ये सुन कर दंग रह गई कोई अनजान इंसान किसी की इसतरह से भी मदद कर सकता है। प्रिया राहुल का आने इंतज़ार करने लगी और सुबह हो गई किन्तु राहुल ना आया। कुछ समय के बाद प्रिया के माता पिता आ गए जो बहुत ही घबराए हुए थे। प्रिया का हाल देख कर वो बहुत दुखी हुए।

प्रिया ने सारा हाल अपने माता पिता को बताया। पिता राहुल का ये एहसान सुन बड़े प्रभवित हुए। राहुल को देखने के लिए पिता अस्पताल के बहार गए किन्तु राहुल कहीं नहीं मिला।

प्रिया ये जान बहुत दुखी हुए उसे बचने वाला उसका मसीहा अब कहीं खो गया था। प्रिया दिन रात राहुल के बारे मै सोचती रहती और अधिक सोचने की वजह से प्रिया को राहुल से प्यार होने लगा।

लेकिन राहुल का कोई पता नहीं मिला। प्रिया ठीक हो कर घर भी आ गई किन्तु राहुल का कोई भी पता ना मिला। प्रिया अपने एक्सीडेंट वाली जगह गई लोगो से पूछा किन्तु राहुल का पता नहीं चला।

प्रिया ने अपने पिता से अपने दिल का हाल बता दिया और अपनी शादी राहुल से करने को कहा प्रिया ने कहा “मै राहुल के बिना नहीं जी सकती मुझे राहुल चाहिए उसे ढूंढ़ने मै मेरी मदद करो। “पिता ने दिलासा दिया और राहुल को ढूंढ़ने मै लग गए। और इसी तरह लगभग एक साल गुज़र गई।

किन्तु प्रिया ने राहुल की तलाश जारी राखी और उसके प्रयास ने अपना रंग दिखाया। राहुल को ढूंढ़ते हुए प्रिया उस ऑटो वाले तक पहुंच गई जिसने राहुल को रतीश के घर तक पहुंचाया था। प्रिया तुरंत उसी ऑटो मै बैठ कर सतीश के घर पहुंच गई।

सतीश प्रिया को देख बहुत अचंभित हुआ। सतीश ने बताया “वो बहुत ख़ुशी से शहर आया था। उसकी माँ की ज़िम्मेदारी उस के ऊपर था। किन्तु शहर मै आते ही उसकी मुलाकात तुमसे हो गई और पैसों की कमी की वजह से उसने अपनी एक किडनी और दो बोतल खून बेच कर तुम्हें बचा लिया और खुद बहुत बीमार हो गया। अपना इलाज करने की उसकी हैसियत नहीं थी। और वो तुम्हारे ऊपर बोझ भी नहीं बनना चाहता था।”

सतीश ने आगे बताया “इसी वजह से जब तुम्हें होश आ गया था तो वो तुम्हारे पिता को फ़ोन करके मेरे ही पास आ गया था। मुझे लगता है वो मन ही मन तुम्हें चाहने लगा था।”

सतीश की बात सुन कर प्रिया रोने लगी और उसने बताया “मै भी राहुल को बहुत चाहती हूँ। उसने मेरी ज़िन्दगी बचाई है उसके जैसा अच्छा इंसान मुझे नहीं मिल सकता। मुझे बताओ अब वो कहाँ है मै उसका इलाज कराउंगी और हमेशा उसकी सेवा करुँगी।”

प्रिया की बात सुन सतीश की आँखों नम हो गई और वो पछताने लगा “काश मेने उसकी मदद की होती।” इतना कह कर सतीश फुट फुट कर रोने लगा।

प्रिया घबरा गई उसने रोते हुए पूछा “क्या हुआ मेरे राहुल को?”

सतीश ने रोते हुए कहा “प्रिया तुम्हरी Sad Love Stories Hindi अधूरी रह गई, राहुल अब इस दुनिया मै नहीं है। अभी 10 दिन पहले ही उसका देहांत हो गया। मै भी कुछ दिन पहले ही गाऊँ से उसका क्रिया कर्म करके आया हूँ।

प्रिया के दिल मै जैसे ज़ोर का धक्का लगा। उसके आंसू अचानक रुक गए। वो कुर्सी से उठी और बहार निकल आई। सतीश प्रिया को आवाज़ देता रहा। लेकिन जैसे प्रिया को कोई आवाज़ सुनाई ही नहीं दे रही हो। सतीश खड़े देखता रहा और प्रिया उसकी आँखों से ओझल हो गई।

दोस्तों Sad Love Stories Hindi आपको किसी लगी कॉमेंट में ज़रूर लिखना। और अपने सुझाव ज़रूर देना धन्यवाद।

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