Panchatantra Cunning Hare Lion Hindi चतुर खरगोश और शेर-2021

Cunning Hare Lion Hindi

Panchatantra Cunning Hare Lion Hindi चतुर खरगोश और शेर ~ मित्रभेद ~ पंचतंत्र

Panchatantra Cunning Hare Lion Hindi

Panchatantra Cunning Hare Lion Hindi

(Panchatantra Cunning Hare Lion Hindi)

एक समय की बात है एक बहुत ही घना जंगल था जहाँ बहुत सारे जानवर बड़ी ख़ुशी से रहते थे। वे दिन भर जंगल मै चरते थे। और भगवन का धन्यवाद किया करते थे।

एक दिन उस जंगल मै बहुत बड़ा शेर (Panchatantra Cunning Hare Lion Hindi) आ गया। और उसने जंगल के कई जानवरों को मार दिया।

शेर ने बहुत ही ज़ोर से दहाड़ मारी और एलान कर दिया “मुझे ये जंगल बहुत पसंद आया यहाँ मेरे लिए बहुत खाना है अब में यही रहूँगा अब में तुम्हारा राजा हूँ और तुम मेरी प्रजा हो। मै जो चाहूँ तुम्हारे साथ कर सकता हूँ।”

सारे जंगल के जानवर डर गए और वो कर भी क्या सकते थे। सभी ने बड़े शेर को जंगल का राजा मान लिया। (Panchatantra Cunning Hare Lion Hindi) शेर बड़ा ही निर्दई था वो रोज़ अपनी मांद में से निकलता और कई जानवरो का शिकार कर के उन्हें मार देता और अपने लिए एक जानवर मांद में खानेके लिए ले जाता।

शेर अपना रुआब और वर्चस्प बताने के लिए ऐसा किया करता था। लेकिन इससे जंगल के जानवर धीरे-धीरे कम होने लगे। सारे जानवरों ने एक मंडली बुलाई। सारे जानवर एक जगह इकठ्ठा हुए और विचार करने लगे।

अगर इसी तरह महाराज हमें मारते रहे तो सारा जंगल ही समाप्त हो जाएगा। सभी ने मिल कर कहा चलो बड़े शेर के पास चलते है और बात करते है।

जंगल के सारे जानवर डरते-डरते शेर के पास गए इतने जानवरों को आता देख शेर डर गया और अपनी सुरक्षा में ज़ोर से दहाड़ लगाई के पूरा जंगल हिल गया कुछ जानवर तो भाग भी गए। फिर हिम्मत करके सारे जानवर शेर के पास पहुंचे।

शेर ने कहा “क्या बात है सभी एक साथ क्यों आए हो सभी को मार दूँ क्या?” जानवरों के मुखिया ने कहा “महाराज आप हमारे राजा हैं आप जो चाहे कर सकते है। हम तो बस एक फरियाद ले कर आए है।”

शेर का घमंड और बढ़ गया सोचने लगा ये तो मुझसे डरे हुए है इनसे डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। उसने दहाड़ के कहा “क्या फरियाद लाए हो”?

मुखिया ने कहा “महाराज आप रोज़ अपनी मांद से निकलते है और अपने शोक मै दस या बारह जानवर मार देते है और सिर्फ एक जानवर ही खाते हैं। अगर इसी तरह आप करते रहे तो एक दिन सारा जंगल ही जानवरो से खली हो जाएगा और आप अकेले ही रह जाओगे।”

“बिना प्रजा के भला कौन सा राजा होता है। और यदि हम सब मर जाए तो आप भी भूके ही रह जाओगे। हम आपसे ये फरियाद ले कर आए है के आप अपनी मांद में ही रहा करो और आराम किया करो हम रोज़ एक जानवर आपकी सेवा मै भेज दिया करेंगे आप उसे खा लिया करना। इस तरह हम भी बचे रहेंगे और आप हमेशा राजा बने रहेंगे।”

शेर ये सुन कर बहुत खुश हुआ और उसे उनका ये सुझाब बहुत पसंद आया। शेर ने कहा “ठीक है और यदि मेरा भोजन समय पर न आया तो में तुम सभी को मर दूंगा।”

सभी सहमत हो गए और चले गए वापस जा कर मुखिया ने कहा हमें समय पर राजा को एक जानवर भेजना होगा उसके लिए ये सुघाब है के हमारे बीच जितनी भी प्रजातियां है सभी की एक पर्ची डाली जाया करेगी जिसका नाम आएगा वो जानवर शेर की मांद मै उसका भोजन बनेगा।

सभी को ये सुघाब पसंद आ गया। और इस तरह रोज़ एक जानवर कभी हिरन कभी ज़ेबरा और अन्य जानवर अपनी बलि देने लगे और समय गुज़रता रहा एक दिन एक खरगोश के नाम की पर्ची खुली और खरगोश को जाना पड़ा तो एक छोटा खरगोश बोला इस बार मै जाऊंगा सभी ने मना कर दिया नहीं तुम बहुत छोटे हो राजा का पेट नहीं भरेगा और वो नाराज़ हो जाएगा और हमें सजा देगा।

लेकिन छोटा खरगोश ज़िद करने लगा नाजी में ही जाऊंगा। अंत मै सभी उसे भेजने को राज़ी हो गए। छोटा खरगोश बहुत ही धीरे धीरे मांद की तरफ जा रहा था और उधर शेर की भूख बढ़ती जा रही थी वो सोच रहा था आज बहुत देर हो गई मेरा भोजन नहीं आया।

तभी उसने एक छोटे से खरगोश को आते हुए देखा तो वो और नाराज़ हो गया इतना छोटा भोजन मेरा क्या होगा इससे उसने सोचा। छोटा खरगोश करीब आ कर हांपने की एक्टिंग करने लगा जैसे बहुत दूर से भाग कर आया हो।

शेर गुस्से से बोला “इतनी देर कैसे हुए तुन्हे नहीं पता तुम्हारा जजा भूखा है?” छोटा खरगोश हफ़्ते हुए बोला “छमा करें महाराज मुझे मारने और खाने से पहले एक बिनती सुन लें।”

शेर गुस्से से बोला “क्या बात है बताओ”।

छोटा खरगोश बोला “महाराज आप नाराज़ न हो हम 6 खरगोश आपकी सेवा के लिए चले थे लेकिन रास्ते मै एक बहुत ही बड़ा शेर मिल गया और उसने दावा किया के अब वो हमारा राजा बनेगा। हमने उसे बहुत समझाया के हमारा एक राजा है और हम उसी के लिए भोजन बनने जा रहे है। तो वो नाराज़ हो गया और कहने लगा मै उस राजा को मार कर खुद राजा बनुगा तू जा और उस राजा को बुला कर ले आ जब तक मै बाकि के खरगोशों को खा लेता हूँ और उसने 5 खरगोश मार कर खा लिए और मुझे छोड़ दिया और कहने लगा अगर तुम्हारे राजा मै ताकत है तो मुझसे मुकाबला करे या ये जंगल छोड़ कर भाग जाए।” खरगोश ने पूरी बात करी।

शेर को ये सुन कर गुस्सा आ गया शेर ने कहा “चलो मुझे उसके पास ले चलो में उसे मार कर साबित कर दूंगा ये मेरा इलाका है और में ही यहाँ का सच्चा राजा हूँ और यहाँ के जानवरों पर सिर्फ मेरा हक़ है चलो जल्दी।”

चतुर खरगोश तुरंत शेर को एक कुए के पास ले कर पंहुचा और कहने लगे “महाराज ये है उस शेर का किला जब हम आपके पास आ रहे थे तो यहीं बहार था अब शायद अपने किले मै चला गया होगा आप नीचे झांक कर देखो शायद वो दिख जाएगा। और जैसे ही वो दिखाई दे आप उसपर टूट पड़ना और मार देना।”

शेर ने कहा ठीक है अब तुम मेरी बहादुरी देखना और पुरे जंगल को बताना मेने कितनी बहादुरी से एक शेर को मार दिया अब में तुम्हें नहीं इस शेर को खाऊंगा। अब तुम थोड़ा पूछे हट जाओ। इतना कह कर शेर ने कुंए की तरफ झांक कर देखा तो उसे पानी मै अपना ही अक्स नज़र आने लगा।

छोटा चतुर खरगोश चीखने लगा “महाराज वो शेर इसी किले मै है वो दिख रहा है टूट पदों उस पर में जंगल के सारे जानवरों को बताऊंगा कैसे आपने दूसरे शेर के किले में घुस कर उसे मार दिया जल्दी कीजिए महाराज झपट्टा मारिए और ख़तम कर दीजिए उसे”।

छोटे खरगोश की चतुराई और अदाकारी ने शेर को सोचने का मौका भी न दिया और घमंडी शेर ने बिना सोचे कुँए मै छलांग लगा दी और पानी मै कुछ देर तक झरपटाते रहने के बाद अपनी दम तोड़ दी और कपटी, निर्दई शेर मर गया।

MORAL

पंचतंत्र की ये कहानी (Panchatantra Cunning Hare Lion Hindi) हमें सिखाती है कि किसी भी तरह के संकट की परिस्थितियों में भी हमें सूझ बूझ और चतुराई से काम लेना चाहिए और आखिरी दम तक अपना प्रयास करते रहना चाहिए।

मौत के खतरे में होते हुए भी खरगोश ने चतुराई और अदाकारी से काम लेकर शेर जैसे खतरनाक और उससे कहीं अधिक बलशाली शत्रु को पराजित कर दिया ठीक उसी तरह सूझ बूझ और चतुराई से काम लेकर हम भी संकट से उबर सकते हैं और बड़े से बड़े शक्तिशाली शत्रु को भी पराजित कर सकते हैं।

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