Laghu Katha Best Hindi short story-प्रेरक लघु कथाएं 2021

    Laghu Katha

    Laghu Katha Best Hindi short story-प्रेरक लघु कथाएं

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    Laghu Katha Hindi short story को पड़ना एक अच्छी आदत होती है Laghu Katha हमें बहुत सारी मोरल बातें बतातीं हैं जिनकी मदद से बच्चों मै नैतिक ज्ञान बढ़ता है यहाँ कुछ Laghu Katha Hindi short story को लिखा गया है जो नैतिकता से भरी हुए हैं।

    अपांग राजा की सुन्दर पेंटिंग

    एक समय की बात है, एक राज्य जहाँ के राजा के पास केवल एक पैर और एक आंख थी यानि वो शारीरिक रूप से अपंग था, किन्तु वह बहुत बुद्धिमान और बहुत दयालु था। उनके राज्य में प्रत्येक नागरिक अपने राजा की वजह से खुश और स्वस्थ जीवन व्यतीत करता था।

    एक दिन राजा महल के दालान में टहल रहा था और उसने अपने पूर्वजों के चित्र देखे जो एक दीवार पर लगे हुए थे। उसने सोचा कि एक दिन उसके बच्चे उसी दालान में टहलेंगे और सभी पूर्वजों के साथ इन चित्रों के माध्यम से उसे भी याद करेंगे।

    लेकिन, राजा इस विचार से चिंतित हो गया के उसके बच्चे उसे कैसे देखेंगे जबकि वो तो अपांग है। इसी कारण उसने अब तक अपनी कोई पेंटिंग नहीं बनवाई थी। उसने विचार किया के क्यों न एक पेंटिंग बनवा कर देखा जाए इसलिए राजा ने अपने और अन्य राज्यों के कई प्रसिद्ध चित्रकारों को दरबार में आमंत्रित किया।

    राजा ने तब घोषणा की कि वह अपने पूर्वजों की तरह एक पेंटिंग बनवाना चाहता है। जो मेरे पूर्वजों की पेंटिंग के साथ लगाई जाए। जो भी चित्रकार इसे अंजाम दे सकता है, उसे आगे आना चाहिए। उसे इस आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा कि पेंटर ने मुझे पेंटिंग में किस तरह से दर्शाया है।

    सभी चित्रकार यह सोचने में लग गए कि राजा के केवल एक पैर और एक आंख है। उनकी इस तस्वीर को बहुत सुंदर कैसे बनाया जा सकता है? यह तो असंभव है और उन्होंने सोचा की यदि चित्र दिखने में सुंदर नहीं निकला तो राजा क्रोधित हो जाएगा और उन्हें दंड देगा।

    इसलिए एक-एक करके सभी ने कुछ न कुछ बहाना बनाना शुरू कर दिया और राजा की एक पेंटिंग बनाने के लिए विनम्रता से मना कर दिया।

    तभी अचानक एक चित्रकार जो उसके ही राज्य से था ने अपना हाथ उठाया और कहा कि मैं आपका एक बहुत ही सुंदर चित्र बना सकता हूँ, जो आपको अवश्य ही पसंद आएगा। यह सुनकर राजा बहुत खुश हो गया और अन्य चित्रकारों को भी उत्सुकता होने लगी।

    राजा ने उस चित्रकार को अनुमति दे दी और चित्रकार ने चित्र बनाना शुरू कर दिया। फिर उसने ड्राइंग को पेंट से भर दिया। अंत में, एक लंबे समय के बाद, चित्रकार ने कहा कि पेंटिंग तैयार है।

    राज्य के सभी दरबारियों और अन्य चित्रकारों में उत्सुकता और घबराहट होने लगी थी, कोई भी चित्रकार इस अपांग राजा के चित्र को सुंदर कैसे बना सकता है? क्योंकि राजा शारीरिक रूप से अक्षम है। क्या होगा अगर राजा को पेंटिंग पसंद नहीं आती है, और अगर गुस्सा आता है?

    लेकिन जब चित्रकार ने चित्र प्रस्तुत किया, तो राजा सहित दरबार में मौजूद सभी लोग दंग रह गए।

    चित्रकार ने एक ऐसा चित्र बनाया, जिसमें राजा घोड़े पर बैठा हुआ है, जिसमे सिर्फ एक पैर ही नज़र आ रहा था। दृश्य जंगल का था और राजा अपने हाथों में अपना धनुष पकड़े हुए और अपनी एक आँख बंद करके तीर से किसी शिकार को निशाना बना रहा था।

    राजा और दरबार में मौजूद सभी लोग यह देखकर बहुत प्रसन्न हुए कि चित्रकार ने राजा की विकलांगताओं को बड़ी चतुराई से छिपाकर एक सुंदर चित्र बनाया था। राजा ने उसे एक बड़ा इनाम दिया।

    नैतिक:

    हमें हमेशा दूसरों के प्रति सकारात्मक सोचना चाहिए और उनकी कमियों को नजरअंदाज करना चाहिए। हमें कमजोरियों को छिपाने की कोशिश करने के बजाय अच्छी चीजों पर ध्यान देना सीखना चाहिए। यदि हम नकारात्मक स्थिति में भी सकारात्मक रूप से सोचते हैं और दृष्टिकोण करते हैं, तो हम अपनी समस्याओं को अधिक कुशलता से हल करने में सक्षम होंगे।

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