Khatmal Aur Bechari Joo Panchtantra Story Hind

Khatmal Aur Bechari Joo Panchtantra Story Hind

The Bug And The Poor Flea Panchatantra Story Hindi ~ खटमल और बेचारी जूं मित्रभेद पंचतंत्र की एक बहुत ही अनूठी कहानी है। जैसी बच्चे बहुत ही पसंद करते हैं।

Khatmal Aur Bechari Joo

Khatmal Aur Bechari Joo

एक समय की बात है एक राज्य मे एक बहुत ही निर्दई राजा रहता था। अगर किसी से भी उस राजा को कोई कष्ट होता तो वो उसे मरवा देता था।

राजा दिन भर भोग विलास मे मगन रहता और खूब अच्छा अच्छा खाता था। और रात अपनी शयन कक्छ मे सोने को आ जाता था।

उसके शयन कक्छ मे एक जूँ भी रहती थी। जिसका नाम मंदरीसर्पिणी था। राजा जब सो जाता तो वो अपने छिपने की जगह से निकलती और राजा का थोड़ा खून चूस लेती थी और इस तरह वो अपना जीवन बिता रही थी।

राजा का खून बहुत ही मीठा और स्वादिष्ट था। राजा का खून चूसते समय वो ध्यान देती कही राजा उठ ना जाए। इसलिए वो बहुत ही धैर्य से खून चुस्ती थी और मगन रहती थी। और राजा को भी पता नहीं चलता था।

जब उस जूँ का पेट भर जाता तो वो वापस अपनी छिपने की जगह पर चली जाती थी। और राजा को अधिक तंग नहीं करती थी।

उस जूँ के लिए सब कुछ सही चल रहा था। पर उसका ख़राब दिन तब आया जब एक दिन एक चतुर खटमल कही से राजा के शयन कक्छ मे आ गया।

जूँ ने खटमल को देखा और बहार आ गई कहने लगी “तुम कौन हो और यहाँ क्यों आए हो? तुम्हे पता नहीं ये राजा का कमरा है और मे यहाँ रहती हूँ मुझे किसी का आना पसंद नहीं है चले जाओ यहाँ से”।

खटमल बहुत ही चतुर था कहना लगा “क्या अपने मेहमान से तुम ऐसे ही बात करती हो जबकि तुम दिखने मे तो बहुत ही सुन्दर हो”

उसने आगे कहा “मे बस यहाँ से गुज़र रहा था। सोचा आज रात यहाँ आराम कर लूंगा। क्या एक रात के लिए तुम अपने मेहमान को जगह भी नहीं दोगी।”

“मे जब यहाँ से जाऊंगा और अपने परिवार के पास पहुँचूँगा तो उनसे कहूंगा मेरी एक बहुत ही शुशील जूँ से मुलाकात हुई जिसने मेरी बहुत आओभगत की”

जूँ उसकी चिकनी चुपड़ी बातों मे आ गई और उसे एक रात रुकने के लिए कह दिया। “किन्तु तुम राजा का खून नहीं पियोगे?” उसने कहा।

“ये केसा सत्कार हुआ मेहमान का। मे तुम्हे कैसे याद रखूँगा जब तुम मुझे कुछ भी खाने पीने को नहीं दोगी तो।” खटमल ने चाल चली।

जूँ फिर से उसकी बातों मे आ गई और कहने लगी “ठीक है बहुत ही धैर्य से राजा का थोड़ा ही खून पीना कहीं वो जाग ना जाए वरना तुम्हारी वजह से मे भी मारी जाउंगी।”

कुछ ही समय के बाद राजा सोने के लिए आ गया और अपने बिस्तर पर लेट गया। खटमल ने देखा और सोचने लगा इतना हस्टपुष्ट राजा इसका खून तो बहुत ही मीठा होगा आज मज़ा आ जाएगा इसका खून पी कर।

जूँ ने कहा “अभी मत जाना पहले राजा को गहरी नींद सो जाने दो थोड़ा इंतज़ार करो”

खटमल से रहा नहीं गया और वो चल दिया। उसे जाते देख जूँ उसके पीछे चल दी उसे रोकने के लिए। खटमल बहुत जल्दी चलता हुआ राजा के पास पहुंच गया और खून पीने लगा।

ऐसा स्वादिष्ट खून खटमल को पहली बार मिला था तो वो जूँ के निर्देशों को भी भूल गया और अघिक खून पीने के लिए पूरी ताकत से उसने अपने दाँत राजा के शरीर मे घुसा दिए।

ऐसा स्वादिष्ट खून खटमल को पहली बार मिला था तो वो जूँ के निर्देशों को भी भूल गया और अघिक खून पीने के लिए पूरी ताकत से उसने अपने दाँत राजा के शरीर मे घुसा दिए।

राजा अभी सही से सो भी नहीं पाया था और उसे खुजली होने लगी और वो समझ गया किसी चीज़ ने मुझे काटा है। वो उठा हुए एक ज़ोर की आवाज़ लगाई “सिपाहियों

“किसी कीड़े ने मुझे बहुत ही ज़ोर से काटा है उसे पकड़ो औ मार दो” राजा ने आदेश दिया

खटमल तो तुरंत भाग गया लेकिन जूँ पकड़ी गई और उसे मार दिया गया।

निष्कर्ष

किसी अनजान पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

पंचतनता का सम्पूर्ण इतिहास

 

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