JADU KI KAHANI राजकुमारी की शर्त और जादूगर जंजाल-2021

    JAADU KI KAHANI

    JADU KI KAHANI राजकुमारी की शर्त और जादूगर जंजाल।

    JADU KI KAHANI बहुत समय पहले की बात है धङकपुर राज्य मै किशन नाम का एक ब्राह्मण रहता था। जो बहुत निर्धन था। एक बड़ी बीमारी के कारण उसके माता पिता भी मर गए थे। अब वो पूरी दुनिया मै अकेला और बहुत उदास था। एक दिन उसने इस उदासी भरे जीवन से मुक्ति पाने और आत्महत्या करने का इरादा किया।

    JADU KI KAHANI

    वो गहरी नदी मै कूद कर मर जाना चाहता था। इसलिए वो चिंता मै डूबा नदी की तरफ चला जा रहा था। रस्ते मै एक पत्थर से टकरा कर गिर गया। उठा और फिर चल दिया। पास ही एक तांत्रिक साधु की कुटिया थी जो उसे बड़े गौर से देख रहा था। तांत्रिक समझ गया ये बालक बहुत चिंता मै है अतः तांत्रिक ने उसे आवाज़ लगाई।

    आवाज़ सुन कर किशन आवाज़ की तरफ मुड़ कर देखता है एक बूढ़ा साधु उसे इशारे से अपने पास बुला रहा था। किशन ने सोचा चलो मरने से पहले इसकी कोई मदद कर दें शायद इसे किसी मदद की ज़रूरत है। किशन तांत्रिक के पास पहुंच गया।

    “क्या बात है बेटा मेने देखा तुम बहुत चिंता मै जा रहे हो?” साधु ने पूछा तो किशन की आँखों मै आसु आ गए और उसने सत्र हाल बता दिया।

    तांत्रिक ने कहा “बेटा आत्महत्या बहुत बड़ा पाप है, और जीवन एक संघर्ष है तुम्हे ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए।”

    उसने कहा “बाबा मेरा इस दुनिया मै कोई नहीं है मै अब जी कर क्या करूँगा।”

    तांत्रिक ने कहा “बेटा मुझे अपना हाथ दिखाओ” हाथ को कुछ देर देखने के बाद तांत्रिक मुस्कुराने लगा और कहा “बेटा तुम्हारी मिर्त्यु अभी नहीं हो सकती। तुम्हारे जीवन की रेखा तो बहुत बड़ी है और साथ ही राज सुख तुम्हारी रेखाओं मै साफ़ नज़र आ रहा है। तुम राजकुमारी कलावती से शादी करोगे और राजसुख भोगोगे।”

    ये सुन किशन ने अपना हाथ खींच लिया और कहा “आप एक साधु हो कर एक ऐसे व्यक्ति से मज़ाक कर रहे है जो मरने जा रहा है।”

    “बेटा में सच कह रहा हूँ। आज तक मेरा हस्तरेखा ज्ञान कभी असफल नहीं हुआ। कल चतुर्थ पुत्निमा है और राजकुमारी देवी के मंदिर मै अकेले आएंगी तुम्हे कल ही अपनी शादी का प्रस्ताव उन्हें देना चाहिए।” तांत्रिक ने कहा।

    तांत्रिक की बात सुन कर वो उत्साहित हो गया और आत्महत्या का अपना विचार त्याग दिया। अगले दिन वो समय पर देवी के मंदिर पहुंच गया। कुछ समय के बाद राजकुमारी का रथ आ गया।

    JADU KI KAHANI राजकुमारी की शर्त

    राजमुकारी देवी के दर्शन कर जैसे ही वापस आई ये राजकुमारी के सामने पहुंच गया और कहा “राजकुमारी जी मेरा नाम किशन है और मै इसी राज्य का एक ब्राह्मण हु। मै आपसे अपने विवाह का प्रस्ताव ले कर आपके सामने उपस्थित हुआ हूँ।”

    राजकुमारी ये सुन कर क्रोधित हो गईं और कहा “तुम जानते हो तुम एक राजकुमारी से बात कर रहे हो तुम्हारे इस दुस्साहस के लिए तुम्हे मिरत्युदण्ड मिल सकता है।”

    “मै जनता हूँ राजकुमारी जी, किन्तु मेरे हाथ की रेखाओं मै आपके साथ ही विवाह लिखा हुआ है। और मेरा कोई भी नहीं है जो मेरे विवाह का प्रस्ताव आप तक पहुँचता अतः में खुद ही आ गया।” उसने कहा

    राजकुमारी समझ गई ये बहुत ही हठधर्मी है इससे ऐसे पीछा नहीं छुड़ाया जा सकता तो उन्होंने कहा “ठीक है तुम्हे खुद को साबित करने के लिए मेरी एक शर्त पूरी करनी होगी। कुछ ऐसा करो जो किसी ने न किया हो और न किसी ने सोचा हो। तुम्हे इसके लिए 6 माह का समय दिया जाता है। यदि इतने समय मै तुमने मेरी ये शर्त पूरी न की तो तुम्हे सूली पर लटका दिया जाएगा और अगर तुमने मेरी शर्त पूरी कर दी तो मै तुमसे विवाह कर लुंगी।”

    इतना कह कर राजकुमारी वहां से चली गईं और किशन खड़ा रह गया और सोचने लगा ऐसा क्या काम हो सकता है जो किसी ने कभी न किया हो और किसी ने सोचा भी न हो? उसकी समझ मै नहीं आया तो वो भाग कर तांत्रिक के पास पहुंच गया और सबकुछ बता दिया।

    तांत्रिक ने किशन को बताया “वो बड़ी दुबिधा मै फस गया है। इसका एक ही इलाज है जादूगर जंजाल, लेकिन वो पूरी तरह से मोत है।”

    किशन ने कहा “आप मुझे पूरी बात बताओ मै एक कोशिश तो ज़रूर करूँगा।”

    तांत्रिक ने बताया “जिस तरह का काम राजकुमारी ने बताया है वो सिर्फ जादूगर जंजाल ही कर सकता है या फिर तुम्हें जादूगर जंजाल से जादू की विद्या सीखनी होगी। किन्तु ये काम भी आसान नहीं है। जादूगर जंजाल पुरे विश्व मै सबसे खतरनाक जादूगर है जिसे शिव का वरदान प्राप्त है।”

    तांत्रिक ने आगे बताया “इस वरदान के साथ एक श्राप भी है अगर जादूगर जंजाल ने किसी को अपना जादू सिखाया तो वही उसकी मोत की वजह बनेगा। इसलिए जो भी उसके पास जादू सीखने जाता है तो जादूगर जंजाल उसे अपने जादू से पत्थर की मूरत बना देता है।”

    ये सुन किशन चिंता में पड़ गया, तांत्रिक ने कहा “चिंता चिता के सामान होती है। तुम्हारे लिए एक समाधान है।”

    किशन ख़ुशी से तांत्रिक की ओर देखने लगा तो उसने कहा “जादूगर की पत्नी जागीला, जो एक नेक दिल सभ्य औरत है और मेरी श्ष्य भी रह चुकी है। जादूगर उसकी सुंदरता पर मोहित हो कर उसे उठा ले गया था। अब वो जादूगर से बहुत परेशान है वो तुम्हारी मदद कर सकती है।”

    किशन ने पूछा “जादूगर जंजाल और उसकी पत्नी जागीला कहा मिलेंगे।”

    तांत्रिक ने बताया “वो दोनों मोत की वादी यानि मिर्त्यु वन मै रहते है जहाँ जंजाल का जादू रहता है और प्रेतों की आवाज़ें आती रहती है जिसकी वजह से वहां कोई नहीं जाता। तुम बिना डरे अंदर 2 कोस चलना एक महल मिलेगा जहाँ जादूगर और उसकी पत्नी रहती है। जब जागीला से मिलो तो मेरी ये अंगूठी दे देना और मदद मांगना।”

    अगले दिन किशन मिर्त्यु वन के लिए चल दिया।

    राजकुमारी की शर्त

    JADU KI KAHANI अगला अध्याय

    जैसे ही उसने मिर्त्यु वन मै कदम रखा प्रेतों की भयानक आवाज़ें आने लगी तरह तरह की आकृतियां नज़र आने लगी किन्तु किशन उनसे डरा नहीं और महल के करीब पहुंच गया। जहाँ महल के दरवाज़े पर एक अधेड़ उम्र की औरत बैठी थी। किशन उस औरत के पास जा कर बोला “मुझे जादूगर जंजाल से मिलना है जादू की विद्या सीखने के लिए।”

    वो औरत हैरत से उसे देखने लगी और कहा “तुझे अपनी जान प्यारी नहीं है लड़के देख अपने चारों तरफ कितनी मूर्तियां है ये भी कभी जादू सीखने आए थे। जादूगर जंजाल किसी को जादू नहीं सिखाता वो तुझे भी एक मूर्ति बना देगा चला जा इससे पहले के जादूगर आ जाए।”

    किशन ने पूछा “आप कौन हैं” “मै जादूगर जंजाल की पत्नी जागीला हूँ।” उसने जवाब दिया

    किशन ने तुरंत तांत्रिक की अंगूठी दे कर कहा “मुझे तुम्हारे गुरूजी ने भेजा है मेरी मदद करो मुझे जादू सीखना है।”

    अंगूठी देख कर उसने कहा “ठीक है मै तुम्हारी मदद करती हूँ तुम्हें चिप कर जादू सीखना होगा इसके लिए मै तुम्हे एक अंगूठी बना देती है मेने भी थोड़ा जादू जादूगर से सीख लिया है। तुम चिप कर सब कुछ सीख लेना।”

    किशन तैयार हो गया तो उसने किशन को एक मन्त्र पड़ कर अंगूठी बना दिया और जादूगर जंजाल के उस कमरे मै रख दिया जहाँ जादूगर अपने जादू की विद्या का प्रयोग किया करता था। जादूगर प्रतिदिन आता और जादू का अभ्यास करता जिसके कारण किशन भी उस विद्या को सीख जाता इस तरह 5 माह बीत गए और किशन ने सारी जादू की विद्या सीख ली।

    उसने जादूगरनी से कहा “अब मै सब कुछ सीख गया हूँ, अब मुझे वापस इंसान बना दो ताकि मै राजकुमारी के पास जा सकूँ।”

    जादूगरनी ने एक मंत्र फुका तो वह इंसान बन गया और बिदा ले कर चल दिया और मिर्त्यु वन से बहार निकल आया। उसने सोचा मेने जादू सीख लिया है और मुझे भूक भी लगी है चलो जादू से खाना मंगाते है उसने एक मंत्र पड़ा तो 56 तरह के खाने आ गए और उसने खाना खाया।

    खाने के बाद कुछ देर आराम किया फिर सोचा मेरा राज्य करीब है। और मेरे पास पैसे नहीं है चलो जादू से एक घोडा बना कर बेचते है तो कुछ पैसे भी आ जाएंगे। उसने जादू से एक बहुत ही सुन्दर और उचा घोडा बनाया और ले कर बाजार मै आ गया। सभी उसके घोड़े को देखने लगे।

    दुर्भाय से जादूगर जंजाल भी उस बाज़ार मै आया हुआ था, घोड़े को देखते ही पहचान गया ये तो मेरे जादू से बना है। इसने मेरा जादू कैसे सीखा अगर ये ज़िंदा रहा तो मेरी मिर्त्यु निश्चित है पहले ऐसे मरना होगा वरना ये मुझे मार देगा।

    जादूगर जंजाल चिल्लाता हुआ किशन की ओर आया जिसे देख कर किशन घबरा गया और कबूतर बन कर उड़ गया। जादूगर जिंजाल भी बाज़ बन कर उसके पीछे लग गया।

    किशन उड़ता हुआ धङकपुर के महल मै पहुंच गया जहाँ राजकुमारी भी बैठी हुई थी। वो राजकुमारी के समीप पहुंच कर एक ख़ूबसूरत नौलखा हार बन कर राजकुमारी के गले से चिपक गया।

    ये देख जादूगर जंजाल कुछ देर रुक कर एक योजना बनाने लगा और एक खूबसूरत नृतकी बन कर दरबार मै आया और कहा “महाराज मै रम्भा नाम की एक नृतकी हूँ और आपको अपना नृत्य दिखने आई हूँ।”

    राजा ने उसे अपना नृत्य दिखने की इजाज़त दे दी,उसने बहुत ही अच्छा नर्त्य किया तो राजा खुश हो गया और कहा “बहुत बढ़िया मानगो क्या मांगती हो तुम्हे दिया जाएगा”

    जादूगर ने कहा “मुझे राजकुमारी के गले में पड़ा ये नौलखा हार चाहिए।” राजकुमारी ने जैसे ही हार देखा वो घबरा गईं “ये मेरे पास कैसे आया?”

    राजा ने तुरंत आदेश दिया “राजकुमारी अपना हार इस नृतकी को दे दो”

    राजकुमारी ने अपना हार उतार कर तुरंत जादूगर के ओर उछाल लिया। इससे पहले के हार जादूगर तक पहुँचता वो एक चने का दाना बन गया और छिपने की कोशिश करने लगा। ये देख जादूगर एक मुर्गी बन कर चने की ओर झपटा।

    अपनी ओर जादूगर को आता देख किशन तुरंत एक बिल्ली बन गया और मुर्गी बने जादूगर की गर्दन मरोड़ दी और जादूगर जंजाल मारा गया। राजा और राजकुमारी ये देख बहुत ही अचंभित हुए और राजा ने कहा। “कोई भी इंसान ऐसा नहीं कर सकता और न ही कोई ऐसा करने के बारे मै सोच सकता है। तुम कौन हो जो इतनी तेज़ी से रूप बदल लेते हो।”

    किशन अपने असली रूप मै आया और राजकुमारी की शर्त राजा को बताते हुए कहा “राजकुमारी मेने अपनी शर्त पूरी की क्या अब भी तुम मुझसे विवाह नहीं करोगी?”

    राजा ने सारा हाल जान कर राजकुमारी से पूछा तो राजकुमारी ने विवाह के लिए हाँ कर दी और दोनों का विवाह खूब धूम धाम से हुआ।

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