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Inspirational Short Stories About Life

Inspirational Short Stories About Life पोस्ट की ये कहानियां हमारा मार्गदर्शन करने, हमें सिखाने और सफलता के लिए प्रेरित करने के सबसे शक्तिशाली तरीकों में से एक हैं।

कहानी सुनाना किसे पसंद नहीं होता है और ये तो प्रभावी भी है क्योंकि यह लोगों के साथ-साथ लोगों और मानवता को एकजुट करने वाले विचारों के बीच संबंध स्थापित करने में मदद करता है।

Inspirational Short Stories About Life

Inspirational Short Stories About Life की ये कहानियां लोगों को आपस मैं जुड़ाओ की भावना पैदा करती है और ये कहानियां आपको आपके अतीत मैं ले जाती हैं।

और साथ ही Inspirational Short Stories About Life का ये पोस्ट पड़ने वाले को एक सुखद एहसास दिलातीं हैं। जो उन्हें सीखने के लिए अधिक प्रेरित करता है।

Inspirational Short Stories About Life पोस्ट की कुछ कहानियां तो हमारे जीवन की बहुत जटिल समस्याओं को आसानी से हल करने मैं हमारी मदद करतीं है।

तो चलिए आज का बहुत ही महत्वपूर्ण पोस्ट Inspirational Short Stories About Life को बिना देरी शुरू करते हैं।

हमारी सबसे अधिक पड़े जाने वाले पोस्ट।

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Inspirational Short Stories About Life

कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है।

रमेश अपने पुत्र विजय को दांतों के डॉक्टर को दिखा कर वापस आ रहे थे। अधिक चॉकलेट, टॉफी और मीठा खाने की वजह से उसके दांतों मैं कीड़ा लग गया था।

तभी रस्ते है विजय को चॉकलेट की एक दुकान नज़र आई। और वो चॉकलेट के लिए ज़िद करने लगा।

पिता ने उसे बहुत समझाया के डॉक्टर ने मना किया है चॉकलेट खाने के लिए पर विजय ज़िद पर अड़ गया।

उसके पिता ने उसे समझते हुए एक कहानी सुनाई। पिता जानते थे के कहानियां अपना असर दिखती है।

और बन्दर पकड़ा गया।

विजय के पिता ने कहा “बेटा तुम्हें पता है के बन्दर को कैसे पकड़ते हैं।”

“नहीं मुझे नहीं पता” बेटे ने जवाब दिया।

“एक बड़े से जार मैं बन्दर के लिए कुछ खाने को रखा जाता है और उस जार का दरवाज़ा बंद कर दिया जाता है।”

“और उस जार मैं केवल एक छोटा सा छेद होता है जिसमे बन्दर का केवल हाथ ही जा सके।” पिता ने कहानी सुनना शुरू कर दी।

“बन्दर खाने की लालच मैं आता है और अपना हाथ उस छोटे से छेद मैं दाल देता है”

“बन्दर का हाथ उस छेद मैं आसानी से चला जाता है और वो अपना खाना मुट्ठी मैं भर केता है।”

“और जब मुट्ठी को बहार निकलने की कोशिश करता है तो वो बहार नहीं निकलती।”

“वो चीखता और चिल्लाता है पर अपना खाना नहीं छोड़ता, अगर वो मुट्ठी खोल दे तो आज़ाद हो सकता है पर वो ऐसा नहीं करता।”

“अपनी मुट्ठी बहार निकलने के लिए वो हर संभव प्रयास करता है किन्तु सफल नहीं होता और अंत मैं पकड़ा जाता है।”

कहानी सुनाने के बाद पिता ने उसे समझाया “बन्दर की तरह मत बनो”

“जीवन मैं आगे बढ़ने के लिए और एक एक कामयाब वियक्ति के रूप मैं विकसित होने के लिए आपको पता होना चाहिए के कब छोड़ना है और कब आगे बढ़ना है।”

कहानी ने विजय को बहुत प्रभावित किया और उसने चोकोलेट खाने का विचार त्याग दिया।

सोने की खान।

एक श्रमिक सोने की खान मैं काम करता था। दिन भर खुदाई करने पर उसे कुछ मज़दूरी मिलती थी।

और उसे बताया गया था के सोना मिलने पर सोने की कीमत का 20% भी उसे मिलेगा।

दिन भर की मेहनत से उसका घर बहुत ही मुश्किल से चलता था। पर उसे सोना मिलने पर धन मिलेगा इस उम्मीद से वो खान मैं काम करता था।

खान मैं काम करना बहुत ही मेहनत का काम था बहुत अधिक गर्मी रहती थी। और काम भी बहुत उबाऊ था।

कई दिनों तक उसने काम किया किन्तु उसे कोई सोना नहीं मिला। अब वो थक चूका था तो उसने अपना काम छोड़ने का फैसला कर लिया।

उसने अपने औज़ार एक दूसरे नए मज़दूर को बेच दिए और चला गया। नए मज़दूर ने खुदाई का काम वहीँ से शुरू किया जहाँ से उसने छोड़ा था।

और सिर्फ दो दिन की खुदाई के बाद उसे बहुत सारा सोना मिला। इस तरह किसी और की मेहनत का फायदा किसी और को मिल गया।

निष्कर्ष

कभी कभी आप सफलता के बहुत करीब होते हो। और आप प्रयास छोड़ देते हो ये आपको वही ला कर खड़ा कर देता है जहाँ से शुरू किया था।

हारी हुई क्रिकेट टीम।

बहुत सारे हौसले, हिम्मत और प्रयासों के वाबजूद रवि की क्रिकेट टीम टूर्नामेंट मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी और हार गई।

इस हार ने सभी खिलाडियों के मनोबल को तोड़ दिया था।

वो आपस मैं कोई बात भी नहीं कर रहे थे। लगता था जैसे उन्होंने इस हार से अपना मूल्य और आगे बढ़ने का साहस ही खो दिया हो।

टीम के कोच संजय पाठक अपनी टीम की दशा को समझ गए। टीम को इस दशा से बहार निकलने के किए उन्हें इक उक्ति सूझी।

उन्होंने सारे खिलाड़िओं को अपने करीब बुलाया और अपनी जेब से एक 500 रूपए का नोट निकला और कहा

“ये कितने रूपए है और इससे कितने का सामान खरीदा जा सकता है?”

सभी ने थकी हुई आवाज़ से कहा “ये 500 रूपए का नोट है और इससे 500 रूपए की वस्तु खरीदी जा सकती है।”

संजय पाठक जी ने वो नोट अपनी मुट्ठी मैं बंद किया और उसे मसल दिया जिससे नोट कुछ मुरझ गया।

उन्दोने अपने सवाल को दोहराया। “ये कितने रूपए है और इससे कितने का सामान खरीदा जा सकता है?”

“ये 500 रूपए का नोट है और इससे 500 रूपए की वस्तु खरीदी जा सकती है।” सभी ने एक सुर मैं जवाब दिया।

उन्होंने वो नोट ज़मीन पर फेक दिया और मिटटी मैं रगड़ दिया जिससे उसका रंग रूप ही ख़राब हो गया।

अपने सवाल पर कायम रहते हुए एक बार फिर पूछा। “ये कितने रूपए है और इससे कितने का सामान खरीदा जा सकता है?”

रवि जो टीम का कप्तान था झुंझला कर कहने लगा “ये क्या कर रहे हो सर आप कुछ भी करलो ये 500 का नोट ही रहेगा।”

उसके जवाब पर कोच मुस्कुरा दिए और कहा।

“इससे कोई फरक नहीं पड़ता के इस नोट के साथ क्या हुआ इसका मूल्य अभी भी वही हे जो पहले था”

“यहाँ तक के इसकी चमक ख़तम हो गई और इसमें गंदगी भी लग गई पर इसकी कीमत अभी भी वही है”

सारे खिलाडी उनकी बात बहुत ध्यान लगा कर सुनने लगे।

“हमारे साथ भी ऐसा ही होता है। हम भी अक्सर अथक प्रयासों के बाद गिरते है।”

“आपके जीवन में भी ऐसा ही समय आएगा जब आप गिराए गए, चोटिल और कीचड़ में डूबे हुए होंगे। फिर भी चाहे कुछ भी हो जाए, आप अपना मूल्य कभी नहीं खोते हैं।”

उन्होंने आगे कहा “हर रात के बाद सुबह ज़रूर होती है।”

निष्कर्ष

कहानियां Inspirational Short Stories About Life इतनी दमदार और प्रभाव शैली है के ये हमारे दिमाग मैं अपनी छाप छोड़ जातीं है।

मुझे आशा है के मेरा ये पोस्ट Inspirational Short Stories About Life आपको अवश्य पसंद आया होगा। और मैं ये भी आशा रखता हु के आप इसे अपने दोस्तों के पास शेयर भी करेंगे धन्यवाद।

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