How Coronavirus Kills Us in Hindi कोरोना हमारे शरीर मै क्या करता है?2021

How Coronavirus Kills Us in Hindi

How Coronavirus Kills Us in Hindi

How Coronavirus Kills Us in Hindi?

Corona virus हमें कैसे नुक्सान पहुँचता है? (How Coronavirus Kills Us) ये जानने से पहले ये भी जानना ज़रूरी है के कोरोना क्या है। और जब ये हमारे शरीर मै प्रवेश करता है तो क्या होता है? कोरोना ऐसा क्या करता है जिससे इतने लोग मर रहे है? How Coronavirus Kills Us in Hindi के इस पोस्ट मै हम यही जानेंगे तो चलिए शुरू करते है। How Coronavirus Kills Us in Hindi ?

क्या है कोरोना (COVID -19)?

कोरोना वायरस के बारे में सबसे पहले चीन के वुहान प्रांत में पता चला है जिसके बाद इसकि पहुंच करीबन सभी देशों में पायी जा रही है।

इस वायरस के लक्षण एक मामूली ज़ुखाम, बुखार से लेकर ज़्यादा गंभीर रोगों कि वजह भी हो सकती है जैसे कि मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम, कोरोना वायरस ज़ूनोटिक (zoonotic) होता है जिसका अर्थ है पशुजन्य रोग यानि पशुओं से इंसान और इंसान से पशुओं को होने वाला रोग। यह वायरस का अभी “SARS-CoV-2” का नाम रखा गया है और इसकि वजह से आने वाली बीमारी को “Corona Disease 2019” जिसका सक्षिप्त नाम “COVID-19” है।

कैसे फैलता है कोरोना?

अब आगे के पोस्ट मै हम ये सीखेंगे के अगर एक बार कोरोना वायरस इंसान के शरीर मै प्रवेश कर गया तो ये इंसान को कैसे मारता है?

हमें दिखाई दे या नहीं पर जब कोई कोरोना इन्फेक्टेड इंसान खासता है तो 3000 स्लाइवा ड्रॉप्लेट्स निकलते है। और जब यही इंसान छीकता है तो 40000 स्लाइवा ड्रॉप्लेट्स निकलते है।

कोरोना हमारे शरीर मै क्या करता है

अब सबसे बड़ी समस्या की बात ये है के इस केवल एक स्लाइवा ड्रॉपलेट मै 20,00,000 कोरोना वायरस मौजूद होते हैं। जो किसी भी इंसान को बीमार बहुत बीमार कर सकते है। यानि यदि कोई स्वस्थ व्यक्ति किसी इन्फेक्टेड वियक्ति के संपर्क मै आता है और केवल एक स्लाइवा ड्रॉपलेट उसके शातिर मै प्रवेश कर जाती है तो 20,00,000 कोरोना वायरस उसके शरीर मै चले जाते हैं।

और जब ये ड्रॉप्लेट्स किसी इन्फेक्टेड व्यक्ति से निकलती है तो ये लगभग 300 किलोमीटर की स्पीड से एक मीटर की दुरी तक जा सकतीं हैं। यानि आपको सम्हलने का कोई भी मौका नहीं मिलेगा। इसी लिए दो गज़ की दुरी है ज़रूरी।

अब सवाल ये है के क्या कोरोना वायरस हवा मै उड़ सकता है। इसके दो जवाब हो सकते है। पहला है (हाँ) लेकिन स्पेशल केस मै। आपको नज़र आए या न आए लेकिन हवा मै बहुत ही छोटे डस्ट पार्टिकल होती हैं। और जैसे ही कोईं कोरोना इन्फेक्टेड व्यक्ति खासता या छीकता है तो कोरोना इन पार्टिकल पर बेथ कर दो घंटे तक हवा मै उड़ता हुआ जीवित रह सकता है। और यदि कोई स्वस्थ व्यक्ति इसी जगह से निकलेगा तो इसे इन्हेल कर लेगा और इन्फेक्टेड हो जाएगा।

और दूसरा जवाब है (नहीं)। कोरोना वायरस हवा मै नहीं तेर सकता ऐसी कोई भी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है जो ये साबित कर सके की कोरोना वायरस सीधा तैरता हुआ किसी स्वस्थ वियक्ति के शरीर मै प्रवेश कर जाए।

कोरोना वायरस के ड्रॉप्लेट्स जब किसी डस्ट पार्टिकल पर नहीं टिक पते तो ये आस पास के सर्फेस पर टिक जाते है और कई घंटों तक जीवित रह सकते है।

कोरोना हमारे शरीर मै क्या करता है?

ये समझने के लिए के कोरोना वायरस हमें इन्फेक्ट कैसे करते है हमें ये समझना होगा के हमारे लंग्स काम कैसे करते हैं।

हमारे लंग्स काम कैसे करते हैं

हर इंसान के पास दो LUNGS होते है जो एक WINDPIPE से जुड़े होते हैं। जब हम सांस लेते हैं तो हवा इसी WINDPIPE से होती हुई हमारे LUNGS मै जाती है।

जब ये WINDPIPE दो हिस्सों मै बाटता है तो इन हिस्सों को BRONCHI कहा जाता है। और प्रतेक BRONCHI किसी पेड की जड़ की तरह पहले होते है जिन्हे BRONCHIOLES बोला जाता है।

अब जैसे ही आपने सांस ली ऑक्सीजन WINDPIPE से होती हुई BRONCHIOLES तक पहुंच जाती है जिसके बाद असली खेल शुरू होता जिसे समझने की ज़रूरत है।

इन BRONCHIOLES के भी अंत मै बिलकुल जड़ मै कुछ बहुत ही छोटे-छोटे गुब्बारे से लगे होते है जिन्हें ALVEOLI कहा जाता है। चित्र मै देखें।

ALVEOLI ही वो जगह है जहाँ से ऑक्सीजन और कार्बडाईऑक्सइड एक्सचेंज होती है। हर इंसान के दोनों लंग्स मै लगभग 60,00,00,000 (साठ करोड़) ALVEOLI होती है जो बहुत ही फ्लेक्सिबल होती हैं और ये ALVEOLI पूरी तरह से कोशिकाओं से घिरी होती है और ये बही कोशिकाएं है जिनमे हमारा खून बहता है।

खास बात ये है के इस ALVEOLI की बॉउंड्री इतनी पतली होती है के इसमें ऑक्सीजन और कार्बडाईऑक्सइड आर पार हो सकती है।

अब ध्यान से समझने की ज़रूरत है जब हम सांस लेते है तो ऑक्सीजन WINDPIPE से होते हुए पहले BRONCHI मै जाता है फिर BRONCHIOLES से होते हुए ALVEOLI मै पहुंच जाता है और यहीं से कोशकाओं से होता हुआ हमारे दिल तक पहुंच जाता है और इसी तरह कार्बडाईऑक्सइड बहार आती है।

सेल क्या होता है?

जैसा के आप जानते हैं हमारा शरीर शेल्स से मिल कर बना है इसका मतलब है हमारा LUNGS, WINDPIPE, BRONCHIOLES, ALVEOLI सभी सेल से मिल कर बने है। अगर सेल को मइक्रोस्कोप से देखा जाए तो एक सेल कुछ इस तरह से नज़र आता है। चित्र देखें।

CORONA VIRUS

ये हमारे शरीर की सबसे छोटी यूनिट है और हमारा शरीर ऐसी सेतीस लाख करोड़ शैल से मिल कर बना है। इसमें बहार की तरफ SELL MEMBRANE यानि की एक बॉउंड्री होती है।

सारा खेल इस SELL MEMBRANE मै घुसने का है अगर कोरोना वायरस इसमें घुसने मै कामयाब हो जाता है तो ये अपनी ढेरों कॉपी बना लेगा और बीमार कर देगा। अब ध्यान से समझने की ज़रूरत है के कोरोना वायरस सेल मै घुसता कैसे है?

कोरोना वायरस सेल मै घुसता कैसे है?

कोरोना वायरस हमेशा लंग्स की बॉउंड्री मै ही अटेक करता है ये हाथ, पैर, मुँह की सेल्स मै अटेक नहीं करता है। क्यों की लंग्स की बॉउंड्री बलि सेल मै ACE2 RECEPTOR पाया जाता है। चित्र मै देखें

ACE2 RECEPTOR
ACE2 RECEPTOR

अब जैसे कोरोना वायरस की बॉडी मै कांटे लगे हुए होते है वैसे ही लंग्स की बॉडी मै भी कांटे लगे हुए होते है। इन्ही काँटों को ACE2 RECEPTOR बोला जाता है। जबकि कोरोना वाले काँटों को SPIKE PROTEIN बोला जाता है।

इस बात को ऐसे समझा जा सकता हैं के कोरोना वायरस के कांटे (SPIKE PROTEIN) चाबी है और लंग्स के कांटे (ACE2 RECEPTOR) ताला है।

इसी वजह से कोरोना वायरस केवल लंग्स के सेल्स मै ही अटेक करता है। ये भी याद रखने की बात है के सेल्स के अंदर हर चीज़ नहीं जा सकती। इसलिए दरवाडे से ही जाना होगा और दरवाज़ा तो लंग्स की सेल्स के ये कांटे होते है।

तो ये कोरोना वायरस इन्ही काँटों में जा कर बैठ जाते है अब क्यों की कोरोना वायरस के कांटे SPIKE PROTEIN होते है तो ACE2 RECEPTOR कोरोना को FREINDLY समझ कर सेल्स में जाने देता है। यहीं से गड़बड़ शुरू हो जाती है।

अब कोरोना वायरस अपना RNA सेल को ट्रांसफर कर देगा और सेल को हाइजेक कर लेगा। आसान भाषा मै समझा जाए तो कोरोना सेल को बोलेगा तू जो कर रहा था वो बंद कर और मेरे कॉपी बना। कोरोना के RNA मै कॉपी बनाने के इंस्ट्रक्शंस होते हैं।

अब हमारा सेल ही हमारा दुश्मन बन जाएगा और कुछ ही दिनों मै हज़ारो कोरोना वायरस बनाना शुरू कर देगा। और अंत मै एक बिस्फोट के साथ फट जाएगा और लाखों कोरोना वायरस बन कर तैयार हो जाएंगे जो लंग्स पर अटेक कर देंगे और लंग्स के सेल्स को इसी तरह से डेमेज करते रहेंगे। जिससे हमारा लंग्स पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे और साँस लेने मै परेशानी होने लागेजी और दम घुटने से बीमार वियक्ति की मौत हो जाएगी।

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आओ कुछ नया सीखे, अच्छे की शुरुआत खुद से करें।

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