Hindi Short Stories for Kids सबसे नई कहानियां। 2021

Hindi Short Stories for Kids

Hindi Short Stories for Kids सबसे नई कहानियां।

यह सच है! बच्चों को कहानियां पसंद हैं। Hindi Short Stories for Kids के इस पोस्ट मै आपको ऐसी स्टोरी मिलने वाली है जो आपने कही नहीं सुनी होंगी।

What are some examples of short stories?

Hindi Short Stories for Kids भारतीय समाज का हमेशा से एक हिस्सा रही हैं। और बच्चो को बहुत प्रभावित करती हैं। ये बच्चो को जीवन का लक्छ्य बताती हैं। और जीवन मै आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

पहले के ज़माने मै जब परिवार सयुक्त रहते थे तो दादा-दादी, नाना-नानी, और अन्य परिवारिक सदस्य परिवार के बच्चो को Hindi Short Stories for Kids सुनते थे। जिससे उन्हें अपने जीवन का लक्छ्य निर्धारित करने मै मदद मिलती थी।

किन्तु आज इंटरनेट का ज़माना है और जीवन पहले की तुलना मै तेज़ हो चूका है। अब हम ऑनलाइन भी अच्छी कहानियाँ पढ़ सकते हैं। और इन कहानियों से नैतिकता सीखने के साथ जीवन के कुछ ज़रूरी नियम भी सीख सकते है। तो चलिए शुरू करते है Hindi Short Stories for Kids की कुछ अच्छी कहानियां

What are good morals for stories?

  • हमेशा सत्य बोलो।
  • संपत्ति को नष्ट मत करो।
  • साहसी बनो।
  • अपने वादे पूरे करो।
  • बईमानी मत करो।
  • दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप अपने लिए चाहते हैं।
  • फैसला मत करो। भरोसेमंद बनो।

Hindi Short Stories for Kids बच्चों के लिए सबसे नई कहानियां।

दयालु राजकुमारी और एक निर्दयी राजा

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एक राज्य मै एक निर्दयी राजा रहता था जो हमेशा अपनी प्रजा और अपनी बेटी पर अत्याचार करता था। उसकी सूंदर राजकुमारी हमेशा उसके कामो की आलोचना करती थी।

वह अपने पिता को सदैव समझाती की वो ऐसा न करें किन्तु राजा उसे बताता के “राजपाठ चलाना कितना मुश्किल है ये तुम क्या जानो इसमें बहुत मेह्नत लगती है। राकुमारी उसकी इस बात पर हमेशा खिल्ली उडा देती जिससे राजा दुखी था।

राजा ने सबक सीखने के उद्देश्य से सोचा के क्यों ना इसकी शादी एक भिखारी से कर दी जाए जहाँ ये खूब मेह्नत करेगी तो इसे पता चलेगा मेह्नत किसे कहते है।

राजा ने अपने सेनापति को हुक्म दिया के एक ऐसा भिखारी ढूंढो जिसके पास अपना घर भी ना हो।
सेनापति ने अगले ही दिन एक भिखारी को उसके सामने ला कर खड़ा कर दिया जिसके कपडे भी मेले और फटे हुए थे।

राजा ने उससे पूछा “तुम कहाँ रहते हो” उसने बताया के “वो जंगल में एक टूटे हुए पुराने मंदिर मै रहता है”
राजा ये सुन कर बहुत खुश हुआ और उसने राजकुमारी की शादी उस भिखारी से कर दी।

जब ये दोनों वापस जंगल जा रहे थे तो अचानक भिखारी की तबियत ख़राब होने लगी और भिकारी बेहोश हो गया।

ये देख राजकुमारी घबरा गई और पानी की तलाश मै चली गई। कुछ देर बाद वो पानी के साथ आई तो उसने देखा के उसके पति के पास दो सांप बैठे है जो उसे काट रहे है जिससे उसे बहुत दर्द हो रहा है।

राजकुमारी ने साहस दिखते हुए एक लकड़ी की सहायता से दोनों सापों को मार दिया और अपने पति को जगाया।
उसने पूछा तुम्हे क्या हुआ था तुम्हारे पास ये साप थे जो तुम्हे काट रहे थे मेने इन्हें मार दिया।

ये सुन कर वो भिखारी बहुत खुश हुआ और उसने बताया के वो कोई भिखारी नहीं है वो तो तुम्हारे राज्य से भी बड़े राज्य का राजकुमार है। जिसे इन मायावी सापों ने अपने वाश में कर लिया था।

उसने राजकुमारी को बताया के उसके पिता ने बहुत कोशिश की पर ये सांप उससे अलग नहीं हुए। एक साधु ने इसका हल बताया के मेरी पत्नी जो दयालु भी हो जिसने कभी किसी का कोई नुकसान नहीं किया हो वो इन सापों को मार सकती है।

में अपने पिता का एक दयालु राजकुमार हूँ में नहीं चाहता था के मेरे राज्य की कोई स्त्री का कुछ नुकसान हो ये सांप उसे नुकसान पंहुचा सकते थे अगर वो दयालु ना हुई तो। और मेरे पिता को इससे बहुत दुख भी होता।

इस लिए में अपना राज्य छोड़ कर यहाँ आ गया और भीख मांग कर खाने लगा। किसी को कोई नुकसान ना हो इस लिए में जंगल मै रहता हूँ। तुम्हारे पिता बहुत निर्दई है तुमसे शादी को मना करता तो वो मुझे भी मार देते इस लिए मेने तुमसे शादी कर ली।

राजकुमार ने कहा अब ये साप मर चुके है तो चलो अपने राज्य में चलते है और वो अपने राज्य में पहुंच गए।
राजा अपने राजकुमर और उसको पत्नी को पा कर बहुत खुश हुआ।

मोरल

अंन्याय के साथी कभी ना बनो अन्याय करने वाला चाहें अपना भी कियों ना हो। अंत में आप ही सफल होते हो।

मेंढक और चूहे की दोस्ती

एक चूहा और एक मेंढक आपस मै अच्छे दोस्त थे। हर सुबह मेंढक अपने तालाब से बाहर निकलता और अपने दोस्त से मिलने जाता था, जो एक पेड़ के किनारे एक छेद में रहता था। वह दोपहर तक साथ रहते खूब मस्ती करते फिट मेंढक घर लौटता था।

चूहा अपने दोस्त की कंपनी में बहुत खुश था और वो सोचता था के उसे कितना अच्छा दोस्त मिला है जो रोज़ उससे मिलने आता है

एक बार कछुए ने अपने दोस्त चूहे को कहा भाई मैं रोज़ तुझसे मिलने आता हूँ पर तू एक बार भी मुझसे मिलने नहीं आया।

चूहे ने बताया के वो पानी मै उससे मिलने नहीं आ सकता। कछुए को ये बात बहुत बुरी लगी।

और इसी कारण दोनों मै दुश्मनी हो गई। कछुआ अपने आप को बहुत अपमानित महसूस करने लगा। उसे लगा के चूहे को बहुत घमंड आ गया है इसे सबक सीखना पड़ेगा।

उसने एक रस्सी अपने पैर मै बाँधी और रस्सी का दूसरा सिरा चूहे की पूंछ में बांध कर वो तालाब मै कूद गया।
कछुआ तालाब मै खूब अंदर चला गया और चूहा रस्सी मै बंधा होने की वजह से पानी की सतह पर आ गया।

चूहा पानी से बहार निकलने की बहुत कशिश करता रहा किन्तु बहार ना नक़ल सका और मर गया। उसका फुला हुआ शरीर पानी मै तेर रहा था।

एक बाज ने तालाब की सतह पर चूहे को तैरते हुए देखा। उसने झपट्टा मारा और चूहे को अपने पंजों में पकड़कर, पास के एक पेड़ की शाखा पर बैठ गया। और साथ ही मेंढक जो उस रस्सी से बंधा था हवा में झूलने लगा।

बाज़ ने बड़े आरामसे पहले चूहे को फिर मेंढक को खाया।

मोरल

दोस्तों पर कभी दवाब नहीं बनाना चाहिए इससे दोनों का नुकसान होता है।

चींटी और टिड्डा

Hindi Short Stories for Kids

बहुत सख्त गर्मी थी और एक चींटी अपनी पीठ पर एक दाना खाना ले जा रही थी। रस्ते मै उसने एक टिड्डे को देखा जो सूरज की तरफ देख कर गीत गा रहा था और अपना टाइम ख़राब कर रहा था। ये प्रीति दिन के प्रक्रिया थी चींटी अपना खाना जमा करती और टिड्डा गीत गता।

टिड्डे ने आज उसे टोका और कहा “तुम कितना खाना खाती हो जो तुम रोज़ दिन भर खाना ही ले जाती रहती हो।”

चींटी ने उत्तर दिया “मैं सर्दियों के लिए खाना जमा कर रही हूँ।”

ये सुन कर टिड्डा बहुत ज़ोर से हँसा और कहा “तुम तो पागल हो देखो कितना चमकदार दिन है दिन का मज़ा लो, चारो तरफ खाना है सर्दियों मै खाना क्या भाग जाएगा।”

चींटी ने उत्तर दिया “भाई मै सर्दियों के लिए खाने का स्टॉक कर रही हूँ और तुम्हें भी ऐसा करने की सलाह देती हूँ”

टिड्डा उसका मज़ाक उड़ाते हुए हँसा और गीत गाना शुरू कर दिया।

जब सर्दी आ गई, ग्रासहॉपर ने खुद को भूख से मरते हुए पाया क्यों की उसने अपनी भविष्य की कोई चिंता या कोई प्रयास नहीं किया था, जबकि चींटियों के पास पर्याप्त खाना था जो उन्होंने गर्मियों में एकत्र किया था।

मोरल

भविष्य की चिंता करते हुए निरंतर प्रयास कतरे रहना चाहिए जिसका फल हमें भविष्य में मिलेगा।

लालची मगरमच्छ

एक बार एक नदी के किनारे एक मगरमच्छ रहता था। वह सच में बहुत भूखा था। उसने एक लड़के को करीब से जाते हुए देखा। लड़के के हाथ में कुछ मांस था। उसने सोचा की क्यों जा कुछ चालाकी की जाए और फैसला किया कि वह लड़के और उसके मांस दोनों को खाना चाहता है। वह लड़के को बरगलाने की कोशिश करता है।

मगरमच्छ ने कहा, “ओह! पियारे छोटे लड़के क्या आप मुझे कुछ मांस दे सकते हो मै बहुत भूखा हूँ?”

लड़का बोला, “अरे नहीं, तुम मुझे खा जाओगे”

मगरमच्छ ने कहा, “मैं वादा करता हूं, मैं तुम्हें नहीं खाऊंगा।”

इसलिए लड़के ने सोचा चलो इसने वादा किया है तो इस पर यकीन कर लेता हूँ, और उसे मांस देने के लिए मगरमच्छ के पास गया। लेकिन, मांस के बजाय मगरमच्छ ने लड़के को पकड़ने की कोशिश की। उसने सिर्फ उसकी बांह पकड़ी।

एक खरगोश ये देख रहा था उसने लड़के की मदद करने का इरादा किया और खरगोश ने उस लड़के का दूसरा हाथ पकड़ कर खीचने लगा।
मगरमछ ने सोचा आज तो बहुत अच्छा दिन है क्यों ना खरगोश, लड़के और मॉस तीनो खो ही साथ खाया जाए।

ये सोच कर उसने लड़के को छोड़ कर खरगोश को पकड़ने की कोशिश की पर खरगोश भाग गया और लड़का भी छूट चूका था।
लड़का भी भाग गया और बच गया। चालाक मगरमच्छ को अपना खाना नहीं मिला। और वो भूखा ही रह गया।

मोरल

लालच बहुत बुरी बला है इससे जो हमारे पास है हम वो भी खो सकते हैं।

 

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2 thoughts on “Hindi Short Stories for Kids सबसे नई कहानियां। 2021”

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