Heart Touching Story in Hindi-Best Emotional Story-2021

    Heart Touching Story in Hindi

    Heart Touching Story in Hindi-Best Emotional Story

    Heart Touching Story in Hindi

     

    Heart Touching Story in Hindi

     

    हेलो दोस्तों आज में कुछ Heart Touching Story in Hindi खास आपके लिए ले कर आया हूँ जिनको पढ़ कर आप न केवल खुश ही होंगे बल्कि आपको अपने बारे में सोचनी के लिए एक नई दिशा भी मिलेगी। ये Heart Touching Story in Hindi आपका मार्गदर्शन भी करेंगी तो चलिए शुरू करते हैं।

     

    उपजाऊ मिट्टी पर दो अनाज के बीज। Heart Touching Story

     

    एक बार एक उपजाऊ ज़मीन पर दो अनाज के बीज पड़े थे जो आपस में कुछ बाते कर रहे थे।

    पहले बीज ने कहा: ” में बहुत खुशनसीब हूँ जो मुझे इतनी उपजाऊ ज़मीन मिली है, अब मैं बड़ा होना चाहता हूँ! और मैं जमीन के अंदर गहरी जड़ें डालना चाहता हूं और जमीन से ऊपर उगना चाहता हूं।”

    “मैं नाजुक कलियों में खिलने का सपना देख रहा हूं और में अपने लिए वसंत के आने की घोषणा करता हूं। मैं अपनी नाज़ुक पंखुड़ियों पर सूरज की गर्म किरणों की रौशनी और ओस की ठंडी बूंदों को महसूस करना चाहता हूं! और इसके लिए में कठिन मेहनत करने को तैयार हूँ ”

    अपने लक्छ्य को पाने के लिए इस बीज ने अपना काम निपुड़ता पूर्वक शुरू किया और ये एक अनाज का पेड़ बन गया और उसमे सूंदर फूल भी आ गए और वो अपने लखचय को पहुंच गया।

    दूसरे बीज ने कहा: “मुझे तो बहुत डर लगता है। अगर मेने अपनी जड़ें जमीन में डाल दी, तो मुझे नहीं पता कि वे वहां क्या होगा। अगर मैं छोटा और कमज़ोर पौधा बना तो तेज़ हवा से क्षतिग्रस्त हो सकता हूँ।

    यदि मैं फूल उगाता हूं, और तेज़ धुप के कारण फूल के मुरझाने पर बहुत बदसूरत भी दिख सकता हूँ। इसलिए मैं सुरक्षित समय की प्रतीक्षा करूंगा। इस प्रकार दूसरा दाना इंतजार ही करता रहा। और वो बीज अपने ख़राब भविष्य के डर से बिना प्रयास किए ही मर गया।

    Moral:

    कुछ अच्छा करने के लिए हर समय सही होता है। सही समय का इंतज़ार करके हमें समय ख़राब नहीं करना चाहिए।

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    एक छोटी लड़की का प्यार Heart Touching Story

    एक छोटी लड़की क्रिसमस tree को गोल्डन पेपर से सजा रही थी। उस छोटी लड़की ने कुछ बॉक्स भी गोल्डन पेपर से सजाए थे ताकि वो उन्हें उस ट्री के नीचे रख सके।

    छोटी लड़के को गोल्डन पेपर ख़राब करते हुए उसके पिता ने देखा तो वो बहुत चिल्लाए और बोले “तुम्हें पता हे ये पेपर कितने महंगे आए हैं और तुम इन्हें बर्बाद कर रही हो पीछे हटो क्रिसमस tree को तुम्हारी माँ सजा लेंगी। छोटी लड़की की आँख में असू आ गए।

    अगले दिन जब क्रिसमस का दिन था तो जैसे ही उस छोटी लड़की के पिता सुबह उठे वो छोटी लड़की एक बॉक्स ले कर आई जो उसी गोल्डन पेपर से सजा था और अपने पिता को बड़े ही प्यार से दिया और कहा “पिताजी मेरी तरफ से आपके लिए प्यारा सा तोहफा”

    पिता ने बड़े ही प्यार से उस तोहफे को खोला पहले गोल्डन पेपर हटाया फिर बॉक्स खोला और देखा के बॉक्स खली था पिता ये देख कर बहुत नाराज़ हुए और कहा

    “तुम बिलकुल पागल तो तुम्हें पता नहीं के जब किसी को कोई तोहफा देते है तो उस बॉक्स में भी कुछ रखा जाता हे खाली बॉक्स का तोहफों कौन देता है।”

    पिता की नाराज़गी पर छोटी लड़की रोने लगी और बड़े ही प्यार से आँसुओं से भरी निगाह से पिता को देखते हुए बोली पिता जी ये बॉक्स खाली नहीं है, मेने इसे अपने चुंबन और प्यार से भरा है, आप के लिए”।

    पिता बेटी के जवाब से दंग रह गया। उसे इतनी शर्मिंदगी महसूस हुई कि वह अपनी छोटी बेटी के चारों ओर अपनी बाहें डाल कर उससे क्षमा मांगने लगा और उसकी आखों में असू आ गए।

    अपने जीवन के कई वर्षों तक उसके पिता ने उस बॉक्स को अपने बिस्तर के पास रखा। जब भी वह उदास और निराश महसूस करता, उस बॉक्स को खोलता और अपनी बेटी के प्यार को सोचता और खुश हो जाता।

    Moral:

    अपने छोटों की भावनाओं का भी धियान रखना चाहिए।

    लापरवाह डॉक्टर Heart Touching Story

    अस्पताल में अचानक अफरा तफरी मच गई, एक बहुत ही गंभीर मरीज़ अस्पताल में आया था जिसके रिश्तेदारों ने अस्पताल में अचानक कोतुहल मचा दिआ। एक नर्स आई और कहा आपलोग आराम से बैठे में देखती हूँ जब मरीज़ को देखा गया तो बताया के “आपका मरीज़ की हालत बहुत नाज़ुक हे ऑपरेशन करना होगा में डॉक्टर को बुलाती हूँ आप लोग आराम से बेथ जाओ”

    हर 5 मिनट के बाद मरीज़ के पिताजी आते और पूछते के डॉक्टर साहब कितनी देर में आएंगे। उन्हें बताया जाता के वो आ रहे हैं पिताजी नाराज़ हो जाते और बोलते “केसा अस्पताल हे ये इसके डॉक्टर कितने लापरवाह हैं मरीज़ मर जाएगा तब आएंगे।

    कुछ समय बाद डॉक्टर अस्पताल में आए।

    डॉक्टर को देखते ही, पिता चिल्लाया: “तुमने आने में इतना समय क्यों लिया? क्या आप नहीं जानते कि मेरे बेटे की जान खतरे में है? क्या आपके पास जिम्मेदारी का कोई मतलब नहीं है? आप इतने लापरवाह कैसे हो सकते हो ”

    डॉक्टर मुस्कुराया और कहा: “मुझे क्षमा करें, मैं अस्पताल में नहीं था और मैं अपने फ़ोन पर कॉल प्राप्त करने के बाद जितना जल्दी हो सकता था आ गया और अब मैं चाहता हूं कि आप शांत हो जाएं ताकि मैं अपना काम कर सकूं”

    “शांत हो जाओ?! अगर आपका बेटा अभी इस कमरे में होता, तो क्या आप शांत होते? अगर आपका अपना बेटा एक डॉक्टर के इंतज़ार में मर गया तो आप क्या करेंगे ?? ” पिता ने गुस्से में कहा

    डॉक्टर फिर मुस्कुराया और जवाब दिया: “मैं कहूंगा कि पवित्र पुस्तक में क्या लिखा हे धूल से हम आए और धूल से हम लौट आए, धन्य है भगवान का नाम “। “डॉक्टर जीवन को लम्बा नहीं कर सकते। जाओ और अपने बेटे के लिए दुआ करो, हम भगवान की कृपा से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे ”

    “जब आप चिंतित नहीं होते हो तो सलाह देना आसान होता है” पिता बड़बड़ाया।

    सर्जरी में कुछ घंटे लगे जिसके बाद डॉक्टर बहार आया और कहा ” आपका बेटा बच गया!” और पिता के जवाब की प्रतीक्षा किए बिना वह दौड़ता हुआ अस्पताल से बहार निकल गया। ये देख पिता को बड़ा आश्चर्य हुआ और नर्स से बोला

    “वह इतना घमंडी क्यों है? वह कुछ मिनट इंतजार नहीं कर सकता था ताकि मैं अपने बेटे की स्थिति के बारे में पूछ सकूँ ”डॉक्टर के जाने के बाद नर्स को देखते हुए पिता ने टिप्पणी की।

    नर्स के चेहरे पर आंसू आ गए उसने कहा “उसका अपना बेटा कल एक सड़क दुर्घटना में मर गया था, वह उसके क्रिया कर्म में थे जब हमने उन्हें आपके बेटे की सर्जरी के लिए बुलाया था। और अब जब उन्होंने आपके बेटे की जान बचा ली, तो अब उन्हें अपने बेटे का क्रिया कर्म भी तो करना हे इस लिए वो बिना बात किए चले गए। ”

    MORAL:

    कभी किसी को जज मत करो… .. क्योंकि तुम कभी नहीं जानते कि उनका जीवन कैसा है और वे किस दौर से गुजर रहे हैं ”

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