प्रेरणादायक छोटी कहानियाँ-Moral Short Stories 2021

    Motivational Quotes for Success

    प्रेरणादायक छोटी कहानियाँ-Moral Short Stories

    मेरे इस पोस्ट प्रेरणादायक छोटी कहानियाँ-Moral Short Stories में आप सभी का बहुत स्वागत है आज में जिन प्रेरणादायक छोटी कहानियाँ-Moral Short Stories कहानियों के बारे में बात कर रहा हूँ वे इतनी शक्तिशाली और प्रेरणादायक हैं कि उनमें से कई वास्तव में आपको सोचने पर मजबूर कर देती हैं

    और यहां तक कि कई बार आपको अवाक छोड़ देती हैं। तो चलिए शुरू करते है प्रेरणादायक छोटी कहानियाँ-Moral Short Stories

    प्रेरणादायक छोटी कहानियाँ-Moral Short Stories

    Laghu Katha

    द हाथी रोप (विश्वास)

    New moral stories in Hindi

    एक बार एक सज्जन जिनका नाम पिंटू था। एक सर्कस देखने गए और वो घूमते हुए एक जगह पहुंचे जहाँ कुछ हांथी बंधे हुए थे। वो ये देख कर बहुत आश्चर्यचकित हुए के इतने बड़े हठी को सिर्फ एक “मामूली रस्सी जो उसके पैर में बंधी थी” से बंधा गया है।

    उन्होंने सोचा के अगर हांथी बिगड़ गया तो वो इस रस्सी को आसानी से तोड़ सकता है। और लोगों के लिए खतरा बन सकता हैं। new moral stories in Hindi

    पिंटू ये देख कर बहुत डर गए और उन्होंने सर्कस छोड़ के भागने का मन बना लिआ। तभी उन्हें एक हाथी के बच्चे के चिल्लाने की आवाज़ आई। जो बहुत ज़ोर से चिल्ला रहा था। उन्होंने सोचा कियूं न देख के आएं के किया बात है।

    उनके आश्चर्य का कोई ठिकाना नहीं रहा जब उन्होंने देखा के एक हाथी के बच्चे को जंज़ीरों से बंधा गया है। और वो जंजीर तोड़ने की बहुत कोशिश कर रहा है जो नहीं टूट रही। वो तो असमंजस में पड़ गए के एक बच्चे को जंज़ीरों से बंधा गया है और इतने बड़े हाथी को एक मामूली रस्सी से।

    पिंटू साहब को कुछ समघ नहीं आ रहा था। उन्होंने सोचा के चलो किसी से पूछते हैं। और वो उनके ट्रेनर के पास गए और सवाल किया।

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    घर में लगी आग

    एक बार एक शहर में एक आदमी रहता था। जिसने अपना सपनो का घर बनाया था। वो अपने इस घर पर बहुत इतराता था कियूं की लोग उसके घर को बहुत पसंद करते थे। और उसके इस घर को दोगुनी कीमत पर खरीदना चाहते थे। पर बह अपने इस घर को बेचना नहीं चाहता था।

    ये घर उसके शहर का सबसे ख़ूबसूरत घर था। जिसे वो बहुत प्यार करता था।

    एक दिन वो और उसके परिवार बाले घर में सो रहे थे। के अचानक उस घर में आग लग गई। सभी परिवार बाले अपनी जान बचा कर घर से बहार आ गए।

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    दयालु राजकुमारी और एक निर्दयी राजा

    Hindi Short Stories for Kids

    एक राज्य मै एक निर्दयी राजा रहता था जो हमेशा अपनी प्रजा और अपनी बेटी पर अत्याचार करता था। उसकी सूंदर राजकुमारी हमेशा उसके कामो की आलोचना करती थी।

    वह अपने पिता को सदैव समझाती की वो ऐसा न करें किन्तु राजा उसे बताता के “राजपाठ चलाना कितना मुश्किल है ये तुम क्या जानो इसमें बहुत मेह्नत लगती है। राकुमारी उसकी इस बात पर हमेशा खिल्ली उडा देती जिससे राजा दुखी था।

    राजा ने सबक सीखने के उद्देश्य से सोचा के क्यों ना इसकी शादी एक भिखारी से कर दी जाए जहाँ ये खूब मेह्नत करेगी तो इसे पता चलेगा मेह्नत किसे कहते है।

    राजा ने अपने सेनापति को हुक्म दिया के एक ऐसा भिखारी ढूंढो जिसके पास अपना घर भी ना हो।
    सेनापति ने अगले ही दिन एक भिखारी को उसके सामने ला कर खड़ा कर दिया जिसके कपडे भी मेले और फटे हुए थे।

    राजा ने उससे पूछा “तुम कहाँ रहते हो” उसने बताया के “वो जंगल में एक टूटे हुए पुराने मंदिर मै रहता है”
    राजा ये सुन कर बहुत खुश हुआ और उसने राजकुमारी की शादी उस भिखारी से कर दी।

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    पेड का ज्ञान

    Motivational Story in Hindi

    एक बार दो लड़कियां एक पेड़ की छाया के नीचे बड़ी उदास बैठी थी। और अपनी-अपनी समस्याओं को गिना रही थीं और उन्हें उन समस्याओं से निकलने का कोई जवाब नहीं मिल रहा था। सवाल उलझाने वाले थे। उन्होंने अपना सिर उठाकर पेड़ की ओर देखा। और एक साथ बोलीं के हमसे तो ये पेड़ ज़ियादा अच्छा है कितनी शान से खड़ा है इसे कोई समस्या नहीं है। काश हम भी एक पेड़ ही होते।

    वह दोनों कामना करता थीं कि वह एक पेड़ हो और बिना सोचे-समझे, हर समस्या से परे, जीवित रहे। अचानक पेड़ से आवाज़ आई और वो पेड़ बोलने लगा।

    पेड़ ने कहा “मैं नहीं सोच सकता, लेकिन मैं आप लोगों को बहुत सारे सबक सिखा सकता हूं जो आपकी समस्या का हल निकाल सकते हैं:”

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    उपजाऊ मिट्टी पर दो अनाज के बीज

    एक बार एक उपजाऊ ज़मीन पर दो अनाज के बीज पड़े थे जो आपस में कुछ बाते कर रहे थे।

    पहले बीज ने कहा: ” में बहुत खुशनसीब हूँ जो मुझे इतनी उपजाऊ ज़मीन मिली है, अब मैं बड़ा होना चाहता हूँ! और मैं जमीन के अंदर गहरी जड़ें डालना चाहता हूं और जमीन से ऊपर उगना चाहता हूं।”

    “मैं नाजुक कलियों में खिलने का सपना देख रहा हूं और में अपने लिए वसंत के आने की घोषणा करता हूं। मैं अपनी नाज़ुक पंखुड़ियों पर सूरज की गर्म किरणों की रौशनी और ओस की ठंडी बूंदों को महसूस करना चाहता हूं! और इसके लिए में कठिन मेहनत करने को तैयार हूँ ”

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    गधे की बेबकूफी

    एक बार एक जंगल के छोटे से हिस्से में एक गधा रहता था जहाँ सही से घास भी नहीं उगती थी। गधा भूखा ही रहता था और कमज़ोर हो गया था जिससे वो हमेशा उदास रहता था। एक बार उसके इलाके में एक सियार आया सियार बहुत समघदार था। सियार भी जंगल में अकेला ही रहता था।

    गधा उसके पास आया और बोला ” तुम कहाँ से आए हो” सियार ने जवाब दिया “मैं पास ही के इलाके से आया हूँ खाने की तलाश में इस बार बहुत सूखा पड़ा हे खाने को कुछ भी नहीं हे।”

    उसने आगे कहा “और मेरे कोई दोस्त या साथी भी नहीं हे वरना में उसके साथ कही दूर खाने के तलाश में जाता”

    गधे में कहा “मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हे मेरे भी कोई दोस्त नहीं हे और में भी भूखा ही रहता हूँ देखो मैं कितना कमज़ोर हो गया हूँ”

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    अपांग राजा की सुन्दर पेंटिंग

    एक समय की बात है, एक राज्य जहाँ के राजा के पास केवल एक पैर और एक आंख थी यानि वो शारीरिक रूप से अपंग था, किन्तु वह बहुत बुद्धिमान और बहुत दयालु था। उनके राज्य में प्रत्येक नागरिक अपने राजा की वजह से खुश और स्वस्थ जीवन व्यतीत करता था।

    एक दिन राजा महल के दालान में टहल रहा था और उसने अपने पूर्वजों के चित्र देखे जो एक दीवार पर लगे हुए थे। उसने सोचा कि एक दिन उसके बच्चे उसी दालान में टहलेंगे और सभी पूर्वजों के साथ इन चित्रों के माध्यम से उसे भी याद करेंगे।

    लेकिन, राजा इस विचार से चिंतित हो गया के उसके बच्चे उसे कैसे देखेंगे जबकि वो तो अपांग है। इसी कारण उसने अब तक अपनी कोई पेंटिंग नहीं बनवाई थी। उसने विचार किया के क्यों न एक पेंटिंग बनवा कर देखा जाए इसलिए राजा ने अपने और अन्य राज्यों के कई प्रसिद्ध चित्रकारों को दरबार में आमंत्रित किया।

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    Imaandar Lakadhara

    एक समय की बात है किशनपुर गांव में सत्यनारायण नाम का एक Imaandar Lakadhara रहता था। वो Lakadhara इतना Imandaar था के जीवन की कितनी भी बुरी परिस्तिथि हो और उसका कितना भी नुक्सान क्यों न हो जाए वो कभी झूट नहीं बोलता था। उसकी इस खूबी के कारण उसके गांव वाले उसकी बड़ी इज़्ज़त किया करते थे। और उस Imaandar Lakadhara की ईमानदारी के चर्चे दूर दूर थक थे।

    वो दिन भर जंगल से सुखी लकड़ियां काट कर एक बड़ा सा गट्ठर बनाता और शाम को उसे बेच देता इसी से उसका परिवार चलता था। वसके द्वारा लाई गई लकड़ी इतनी सूखी होती के तुरंत ही बिक जाती थी। लोग उसका इंतज़ार करते थे कब वो आए और लकड़ी खरीदें।

    एक दिन वो एक बड़े से तालाब के किनारे अपनी कुल्हाड़ी से लकड़ी काट रहा था। के अचानक उसके हाथ से उसकी कुल्हाड़ी फिसल गई और कुल्हाड़ी तालाब मै गिर गई। तालाब बहुत ही गहरा था और Imaandar Lakadhara को तैरना भी नहीं आता था।

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    माँ का क़र्ज़ एक ममता की कहानी।

    आज के कलयुग की ही बात है जिसमे हम रहते है। एक महिला जिसका नाम पवित्रा था, अपने पति और एक 6 माह के बेटे के साथ एक शहर के छोटे से घर मै रहती थी। पति एक फैक्ट्री मै काम करता और घर का गुज़ारा चलता था।

    जीवन बड़ा ही खुशहाल गुज़र रहा था। रोज़ की तरह पति सुबह घर से काम के लिए निकला और पवित्रा घर के काम में लग गई। अभी थोड़ा ही समय गुज़रा था के फैक्ट्री में एक दुर्घटना की खबर उसे मिली। और पता चला इस घटना में उसके पति की मिर्त्यु हो गई है।

    हसता खेलता परिवार जैसे अचानक बिखर गया। पवित्रा का सबकुछ मानो लूट गया हो। पवित्रा का रो रो कर बुरा हाल था अब उसका और उसके बेटे का कोई भी सहारा नहीं था।

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    दादी माँ की Best रोमांचक कहानी।

    Dadi Maa ki Kahani

    गंगा किनारे एक भीकमपुर नाम का गॉव था। जहाँ एक बूढी औरत रहती थी। लोग उसे Dadi Maa कहते थे। गॉव मै ही Dadi Maa की एक टूटी फूटी कुटिया थी। उसकी कोई भी औलाद नहीं थी। पति को मरे ज़माना हो गया था। Dadi Maa पुरे गॉव की चहीती Dadi Maa थी। पुरे गॉव के बच्चे उनके पास आ कर खेलते थे और Dadi Maa बच्चों को कहानी भी सुनती थीं।

    Dadi Maa गॉव के लोगों का कुछ काम कर देतीं जैसे बाजार से सब्ज़ी लाना, लोगों के छोटे बच्चों को खिलाना अदि। बदले मै लोग Dadi Maa को राशन या घर का पुराना सामान दे देतीं। और इसी तरह Dadi Maa का गुज़ारा चलता था।

    एक दिन गॉव के प्रधान के घर एक बच्चे ने जनम लिया तो दादी माँ ने ख़ुशी मै खूब ढोल पीटा और गीत गाए, सारा दिन खुशियां मनाई जाती रहीं और दादी माँ उनमे शामिल रहीं। शाम को प्रधान ने थोड़ा दूध, चावल, और चीनी दे दी और कहा “दादी माँ ये ले जाओ और घर जा कर खीर बना कर खा लेना”

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    Sad Love Stories Hindi-Heart Touching Love Story Hindi

    आज राहुल बहुत खुश था। आज वही दिन था जिसका उसे हमेशा से इंतज़ार था। क्यूंकि आज उसके स्नातक का रिजल्ट आने वाला था। और उसे बिश्वास था के वो फस्ट ज़रूर आएगा। कुछ ही समय में उसका रिजल्ट आ गया और उसने ऑनलाइन कैफ़े से चैक कराया तो पता चला वो 92% से फस्ट आया है।

    वो बहुत ही ख़ुशी के साथ भागता हुआ अपने घर पहुंच। घर क्या मिटटी की चार दीवार जिस पर पन्नी और घांस पड़ी हुई थी। जिस पर दरवाज़ा भी नहीं था। माँ विधवा थी लोगो का काम करती और घर का खर्च चलाती। माँ ने अपना पेट काट कर अपने बेटे को पढ़ाया था।

    माँ उसे कोई भी काम नहीं करने देती थी हमेशा राहुल ज़िद करता के वो भी कुछ करेगा तो घर आसानी से चल जाएगा। किन्तु माँ इंकार कर देती और कहती “बेटा तेरे बाप का सपना था के उसका बेटा खूब पड़े और मरते हुए तेरे बाप से मेने वादा किया था के तुझे खूब पढ़ाऊंगी। जब तेरी पढ़ाई पूरी हो जाए तो काम शुरू करना।

    आज राहुल इसलिए खुश था क्यों की उसकी पढ़ाई पूरी हो चुकी थी। अब वो भी काम करके पैसे कमा सकता था। अब उसकी माँ को किसी के लिए काम करने की ज़रूरत नहीं थी।

    “माँ देख मेरा रिजल्ट आ गया माँ मेने 92% से पास किया है माँ अब तो तू मुझे नहीं रोकेगी माँ अब मै काम करूँगा और तू घर बैठेगी अब तुझे कही काम करने की ज़रूरत नहीं है माँ।” राहुल ने बहुत ही भावुक हो कर कहा।

    माँ ने अपने लाल को अपने सीने से लगा लिया और दोनों काफी देर तक रोते रहे।

    “माँ अब जैसे ही मेरी मार्कशीट आ जाएगी मै भी बड़े शहर चला जाऊंगा। अपने गाऊँ का सतीश एक बड़ी फैक्टरी मै काम करता है मै भी उसके साथ काम पर लग जाऊंगा।” राहुल ने कहा तो माँ ने इजाज़त दे दी।

    राहुल बेसब्री से अपनी मार्कशीट का इंतज़ार करने लगा। और जल्द ही वो दिन आ गया जब राहुल को बड़े शहर निकलना था। माँ ने कुछ खाना और पैसे दिए जो उसके सफर में काम आने के बाद कुछ दिन के खर्चे के लिए काफी थे। माँ का दिल बड़ा ही दुखी था। आज उसका लाल उससे जुड़ा हो रहा था। बस मै बैठ राहुल चला गया और माँ बहुत देर तक सुनी सड़क को ही देखती रही।

    बड़े शहर पहुंच कर राहुल बस से उतरा तो चारो तरफ देखने लगा हर तरफ भाड़ दौड़ थी। चारो तरफ चका चोंध जो उसने पहले कभी नहीं देखि थी। राहुल बहुत उत्साहित था। अब उसे सतीश के पास जाना था जिसकी खबर उसने पहले ही सतीश को दे दी थी। सतीश ने अपने खर का पता राहुल को दे दिया था।

    राहुल जैसे ही बस स्टैंड से बहार आया उसने कुछ लोगों की भीड़ देखी। सड़क के बीच कुछ लोग भीड़ लगा कर खड़े थे और लोग भाग कर उधर ही इकठ्ठा हो रहे थे। राहुल से रहा न गया उसने भी सोचा चलो देखते हैं क्या बात हुई है। राहुल भीड़ को चीरता हुआ अंदर पहुंच गया।

    राहुल नज़ारा देख दंग रह गया एक लड़की का एक्सीडेंट हुआ था जिसका पैर टूट चूका था और सर मै भी बहुत चोट आई थी। जिसकी वजह से बहुत खून बाह रहा था चारो तरफ खून ही खून था और लड़की तड़प रही थी।

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    JADU KI KAHANI राजकुमारी की शर्त और जादूगर जंजाल

    JADU KI KAHANI

    JADU KI KAHANI बहुत समय पहले की बात है धङकपुर राज्य मै किशन नाम का एक ब्राह्मण रहता था। जो बहुत निर्धन था। एक बड़ी बीमारी के कारण उसके माता पिता भी मर गए थे। अब वो पूरी दुनिया मै अकेला और बहुत उदास था। एक दिन उसने इस उदासी भरे जीवन से मुक्ति पाने और आत्महत्या करने का इरादा किया।

    वो गहरी नदी मै कूद कर मर जाना चाहता था। इसलिए वो चिंता मै डूबा नदी की तरफ चला जा रहा था। रस्ते मै एक पत्थर से टकरा कर गिर गया। उठा और फिर चल दिया। पास ही एक तांत्रिक साधु की कुटिया थी जो उसे बड़े गौर से देख रहा था। तांत्रिक समझ गया ये बालक बहुत चिंता मै है अतः तांत्रिक ने उसे आवाज़ लगाई।

    आवाज़ सुन कर किशन आवाज़ की तरफ मुड़ कर देखता है एक बूढ़ा साधु उसे इशारे से अपने पास बुला रहा था। किशन ने सोचा चलो मरने से पहले इसकी कोई मदद कर दें शायद इसे किसी मदद की ज़रूरत है। किशन तांत्रिक के पास पहुंच गया।

    “क्या बात है बेटा मेने देखा तुम बहुत चिंता मै जा रहे हो?” साधु ने पूछा तो किशन की आँखों मै आसु आ गए और उसने सत्र हाल बता दिया।

    तांत्रिक ने कहा “बेटा आत्महत्या बहुत बड़ा पाप है, और जीवन एक संघर्ष है तुम्हे ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए।”

    उसने कहा “बाबा मेरा इस दुनिया मै कोई नहीं है मै अब जी कर क्या करूँगा।”

    तांत्रिक ने कहा “बेटा मुझे अपना हाथ दिखाओ” हाथ को कुछ देर देखने के बाद तांत्रिक मुस्कुराने लगा और कहा “बेटा तुम्हारी मिर्त्यु अभी नहीं हो सकती। तुम्हारे जीवन की रेखा तो बहुत बड़ी है और साथ ही राज सुख तुम्हारी रेखाओं मै साफ़ नज़र आ रहा है। तुम राजकुमारी कलावती से शादी करोगे और राजसुख भोगोगे।”

    ये सुन किशन ने अपना हाथ खींच लिया और कहा “आप एक साधु हो कर एक ऐसे व्यक्ति से मज़ाक कर रहे है जो मरने जा रहा है।”

    “बेटा में सच कह रहा हूँ। आज तक मेरा हस्तरेखा ज्ञान कभी असफल नहीं हुआ। कल चतुर्थ पुत्निमा है और राजकुमारी देवी के मंदिर मै अकेले आएंगी तुम्हे कल ही अपनी शादी का प्रस्ताव उन्हें देना चाहिए।” तांत्रिक ने कहा।

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    रियल लव स्टोरी इन हिंदी-स्कूल लव स्टोरी हिंदी

    रियल लव स्टोरी इन हिंदी ये मेरा कॉलेज मै पहला ही दिन था। और मै बहुत एक्साइटेड भी था। जैसे जैसे मै कॉलेज के करीब पहुंच रहा था मेरी उत्सुकता लगातार बढ़ती ही जा रही थी। मै जैसे ही कॉलेज मै पंहुचा तो हैरान ही रह गया हर तरफ अफरा तफती जैसा माहौल था। जितने भी new students थे परेशान इधर उधर भाग रहे थे।

    मुझे भी कुछ समझ नहीं आया तुरंत बहार आ गया। कुछ स्टुडेन्ट्स से “पूछा क्या हुआ है”?

    उन्होंने जवाब दिया “कॉलेज का एक गुंडा जिसका नाम हिमांशु है नए बिद्यार्थियों की रेग्गिंग कर रहा है।”

    रेग्गिंग ये शब्द सिर्फ सुना था। मन मै ख्याल आया अब भुझे भी रेग्गिंग देनी होगी, बहुत डर लगा आज पहला ही दिन, और ये सब तुरंत घर वापस आ गए।

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